आसनसोल : गलत तथा भ्रामक खबरों से सनसनी फैलाने के क्रम में मीडिया के एक हिस्से ने (प्रभात खबर नहीं) मेयर जितेन्द्र तिवारी के इस्तीफे की खबर शनिवार को प्रकाशित कर दी. इससे तृणमूल कांग्रेस सहित पूरे कोयलांचल में भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो गयी. स्वयं मेयर श्री तिवारी ने इस खबर को निराधार और बेतुका बताया. उन्होंने कहा कि इस तरह की खबरों को प्रकाशित कर मीडिया अपनी ही साख खो रहा है. राजनीतिक गलियारों में भी इस ट्रेंड की जम कर आलोचना हुई.
क्या है मामला
पहले से ही विवादित खबरे छापने के लिए चर्चित मीडिया के एक हिस्से ने दो तथ्यों के आधार पर मेयर श्री तिवारी के इस्तीफे की खबर प्रकाशित की. उसमें कहा गया कि मेयर श्री तिवारी तथा स्थानीय मंत्री मलय घटक के बीच जारी शीत युद्ध के बाद मेयर ने इस्तीफा देने का निर्णय लिया. इसी कारण से उनके वाहन से मेयर का बोर्ड तथा नगर निगम मुख्यालय में स्थित उनके कक्ष के बाहर से उनका नेम प्लेट हटा दिया गया है.
क्या कहते हैं मेयर
मेयर श्री तिवारी का कहना है कि उन्होंने कुछ व्यक्तिगत कारणों से अपने वाहन से मेयर का नेम प्लेट हटाया था. इसका कोई बड़ा कारण नहीं था. उन्होंने कार्यालय आने पर चालक को प्लेट लगाने का निर्देश दिया था. उन्होंने कहा कि इस्तीफे की खबर पूरी तरह से बेबुनियाद, भ्रामक तथा फेक है. समाचार बनाने से पहले उनका पक्ष तक नहीं लिया गया. पार्टी के बीच मतविरोध की बात फैला कर विरोधी राजनीतिक शक्तियों को खुराक देने की कोशिश की गयी. इससे उनकी नहीं, मीडिया की ही साख कमजोर होगी.
क्या कहते हैं निगम आयुक्त
आसनसोल नगर निगम के आयुक्त सह अतिरिक्त जिलाशासक खुर्शीद अली कादरी ने कहा कि आशुतोष हॉल के पुनरोद्धार कार्य के लिए हॉल में जिन-जिन अधिकारियों तथा पदाधिकारियों के कक्ष हैं. सबके सामने लगे नेम प्लेट हटाये गये थे. इनमें मेयर श्री तिवारी, उनका स्वयं, नगर निगम चेयरमैन, निगम सचिव, उपमेयर आदि के नेमप्लेट शामिल है. सिर्फ मेयर श्री तिवारी के नेम प्लेट हटाने की बात गलत हैं. हॉल के पुनरोद्धार के बाद सभी अधिकारियों एवं पदाधिकारियों के नेम प्लेट लगाये जा रहे हैं.
विवादित खबरों के प्रकाशन में है महारत
मीडिया का उक्त हिस्सा विवादित तथा भ्रामक खबरें छापने के लिए पहले से ही चर्चित है. मेयर के इस्तीफे की खबर से पहले हिंदी माध्यम स्कूलों में 12वीं कक्षा की वार्षिक परीक्षा में हिंदी में प्रश्न पत्र मिलने के मामले में भी उसने भ्रम फैलाया था. ‘प्रभात खबर’ ने जब खबर प्रकाशित की कि इस वर्ष 12वीं कक्षा के प्रश्न पत्र हिंदी में मिलेंगे तो उसने भ्रम फैलाना शुरू कर दिया कि सरकार के पास इसके लिए तंत्र उपलब्ध नहीं है.
हिंदी में प्रश्न पत्र मिलने की बात कह हजारों छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा है, आदि-आदि. उस समय हजारों परीक्षार्थी, उनके गार्जियन तथा हिंदी प्रेमी भी दुविधा के शिकार बन गये. लेकिन उसका भ्रम व चरित्र उस समय उजागर हो गया जब बोर्ड ने इस वर्ष 42 विषयों में 12वीं की परीक्षा के लिए हिंदी में प्रश्न पत्र उपलब्ध कराया. इस कारगुजारी के लिए उसकी काफी भद पिटी.
पत्रकारिता के वसूलों के खिलाफ : एमएमआइसी पूर्णशशि
मेयर परिषद सदस्य (जलापूर्ति) पूर्णशशि राय ने कहा कि मेयर श्री तिवारी के इस्तीफे की खबर पूरी तरह से भ्रामक है. उन्होंने मेयर श्री तिवारी से बात की है. राजनीतिक साजिश के तहत भ्रामक तथा झूठी खबर जारी की गयी है. ऐसा इसलिए किया गया है ताकि विरोधी राजनीतिक शक्तियों, खास कर भाजपा को इसका सीधा लाभ मिल सके.
उन्होंने कहा कि संसदीय चुनाव जल्द होनेवाले हैं. इसकी रणनीति बननी शुरू हो गयी है. आसनसोल संसदीय क्षेत्र में मंत्री मलय घटक, मेयर जितेन्द्र तिवारी, एडीडीए चेयरमैन तापस बनर्जी तथा जिलाध्यक्ष वी शिवदासन के नेतृत्व में पार्टी ने विभिन्न चुनावों में शानदार प्रदर्शन किया है. संसदीय चुनाव में भी आसनसोल से भाजपा का सुपड़ा साफ हो जायेगा.
उस स्थिति में गुटबाजी के कारण इस्तीफे की बात बेहद भ्रामक तथा निंदनीय हैं. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका रही है तथा उनकी पार्टी की नीतियां अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की पक्षपाती रही है. लेकिन मीडिया को भी अधिक जिम्मेवार होना चाहिए. क्षणिक लाभ के लिए किसी नेता या पार्टी की साख के खेलना गलत परंपरा है. संबंधित मीडिया को अपनी गलती स्वीकार कर उचित सुधार करना चाहिए.
