समस्याओं से जूझ रहा है शीतलपुर का शिक्षा मंदिर

आसनसोल : केंद्र तथा राज्य सरकार का शिक्षा पर जोर रहने के बाद भी वार्ड नंबर 101 स्थित सोदपुर कोलियरी हाई स्कूल (शीतलपुर) कई तरह की समस्याओं से जूझ रहा है. स्कूल में स्टूडेंटसों को मूलभूत जरुरतों के लिए भी परेशानी हो रही है.स्कूल की स्थापना वर्ष 1972 में हुई है. छात्रों के अनुसार स्कूल […]

आसनसोल : केंद्र तथा राज्य सरकार का शिक्षा पर जोर रहने के बाद भी वार्ड नंबर 101 स्थित सोदपुर कोलियरी हाई स्कूल (शीतलपुर) कई तरह की समस्याओं से जूझ रहा है. स्कूल में स्टूडेंटसों को मूलभूत जरुरतों के लिए भी परेशानी हो रही है.स्कूल की स्थापना वर्ष 1972 में हुई है. छात्रों के अनुसार स्कूल में बाथरुम की सही व्यवस्था नहीं है. इस समस्या से सिर्फ स्टूडेंट्सों को ही नहीं, शिक्षकों को भी परेसानी होती है. बाथरुम तो है लेकिन उसकी कभी नियमित सफाई नहीं होती है. उसमें पर्याप्त पानी की सप्लाइ की कोई व्यवस्था नहीं है.
स्कूल में पानी इसीएल के खदान से आता है. दिन में एक बार आपूर्ति होती है. टंकी तो भर जाता है लेकिन वह लिकेज होने के कारण उससे पानी रिसता रहता है. शिक्षिका ने कहा कि इस स्थिति में काफी परेशानी होती है. मासिक धर्म के समय तो परेशानी और भी बढ़ जाती है. ड्यूटी आठ घंटे की होती है. उन्हें उसी अवस्था में काम करना पड़ता है. क्योंकि बाथरुम जाने पर इंफेक्शन होने का डर बना रहता है. कई बार ऐसी स्थिति में छात्राओं को घर भेज दिया जाता है. लड़कों के शौचालयों की भी यही स्थिति है.
छात्रों ने बताया कि स्कूल में पेयजल की व्यवस्था नहीं होने के कारण पूरे वर्ष खासकर गर्मी के दिनों में काफी परेसानी होती है. स्कूल में एक टंकी है. उसमें नगर निगम प्रशासन के स्तर से पानी डाला जाता है. लेकिन टंकी की सफाई नहीं होने से पेयजल पीने लायक नहीं रह जाता है.
एक शिक्षक ने कहा कि स्कूल के हिंदी माध्यम में करी 1150 स्टूडेंट्स है. जिनके लिए मात्र सात स्थायी और दो अस्थायी शिक्षक नियुक्त हैं. जबकि स्कूल पांचवी से बाहरवीं तक का है. इन सब के साथ ही कोई शिक्षक बीमार पड़ जाये या किसी कारणवश स्कूल न आ पाये तो उनके द्वारा ली जाने वाली क्लासें खाली रह जाती है. इसका खामियाजा सबसे ज्यादा स्टूडेंट्सों को भुगतना पड़ता है.
स्कूल में पंखे नहीं होने से गर्मी में अध्ययन-अध्यापन मुश्किल हो जाता है. स्कूल में दो बिल्डिंग है. प्रत्येक क्लास में सिर्फ एक ही पंखा है. क्लास के किसी एक कोने में लगा है और सिर्फ हिलता रहता है. गर्मी में स्टूडेंट्स अपने घर से हाथ वाला पंखा लेकर आते है और ज्यादा गर्मी लगने पर उससे हवा करते हैं.
स्कूल की प्रिसिंपल सुदेशना सरकार ने कहा कि स्कूल में बिजली की सप्लाई ईसीएल के स्तर से की जाती है और उसका वॉल्टेज बहुत ही कम होता है. जिसके कारण पंखे सिर्फ हिलते हैं. उन्होंने कहा कि पिछले साल ही उन्होंने स्कूल का दायित्व लिया है. स्कूल की समस्याओं को लेकर विभिन्न अधिकारियों से शिकायत की गयी है. इसके बाद भी कई समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है. स्कूल की चारदीवारी और बाथरुम की समस्या का समाधान अगले छह महीने में हो जायेगा. इसके लिए स्थानीय विधायक सह एडीडीए के वाइस चेयरमैन उज्जवल चटर्जी ने सकारात्मक आश्वासन दिया है.
अतिरिक्त शिक्षा निरीक्षक (एडीआई) अजय पाल ने कहा कि स्कूल प्रबंधन कमेटी को इन सारी समस्याओं के बारे में संबद्ध आधिकारियों को सूचित करना चाहिए. इसके बाद ही स्कूल में सारी सुविधाएं दी जायेगी.

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