सांकतोडिया : कोल इंडिया प्रबंधन ने पेंशन स्कीम में संशोधन की कवायद शुरू कर दी. सीएमपीएफ बोर्ड के अनुसार लंबे समय तक पेंशन सुविधा बहाल रखने के लिए पेंशन राशि में 60 फीसदी तक कमी करनी होगी. इस दिशा में प्रबंधन के स्तर से विशेष कमेटी गठित की जा सकती है.
सीएमपीएफ बोर्ड की बैठक में आशंका जतायी गयी कि अंशदान कम आने के कारण अधिक दिनों तक पेंशन जारी नहीं रखा जा सकता है. हालांकि इसके लिए श्रमिक व प्रबंधन के स्तर से सात-सात फीसदी का अंसदान करने पर सहमति बनी है. इसके बाद भी स्थिति सामान्य रखने के लिए मजदूरों की पेंशन राशि में कटौती को अनिवार्य बताया जा रहा है. इस राशि में 60 फीसदी तक कटौती का प्रस्ताव रखा गया है. यूनियन प्रतिनिधियों की आपत्ति के बाद कमेटी गठन पर सहमति बनी है.
जानकारों के अनुसार प्रबंधन लागू पेंशन स्कीम को ही संशोधित करना चाहता है. संभावना है कि कमेटी भी इसी दिशा में सिफारिश करेगी. सीटू प्रतिनिधियों ने पत्न लिख कर कहा है कि कर्मियों की पेंशन राशि घटाने नहीं बल्कि पेंशन फंड को मजबूत बनाने के उपायों पर सुझाव देने के लिए कमेटी बनायी गयी थी. पेंशन फंड में कमी की जाती है तो आंदोलन किया जायेगा.
