रानीगंज : बल्लभपुर पेपर मैन्युफैक्चिरिंग लिमिटेड कारखाना सोमवार से पुन: चालू हो जायेगा. इस सूचना से इसके श्रमिकों तथा कर्मचारियों में काफी खुशी है. ज्ञात हो कि पेपर मिल पिछले 15 अप्रैल से सेंट्रल प्रदूषण नियंत्नण विभाग द्वारा जारी नोटिस के बाद से ही बंद है.
विभाग ने प्रदूषण नियंत्नण नियम न मानने के बाद यह निर्णय लिया है. कारखाना को खोलने के लिए बल्लभपुर कागज कल श्रमिक यूनियन ने लगातार प्रयास जारी रखा था. रविवार को यूनियन अध्यक्ष बाबू राय के नेतृत्व में पेपर मिल प्रबंधन के साथ बैठक हुयी. प्रबंधन प्रतिनिधि के रूप में कार्मिक प्रबंधक मोहम्मद फिरोज, इंजानियर सुमन बनर्जी, इंजीनियर संजय दास, यूनियन प्रतिनिधि श्रीदाम मंडल, विनोद नोनिया, निरंजन गोराई, सुशांत मंडल, तरु ण मंडल आदि उपस्थित थे. कारखाना प्रबंधन के साथ कारखाना खोलने की सहमति के पश्चात यूनियन नेता बाबू राय ने स्थानीय सांसद सह केंद्रीय भारी उद्योग राज्य मंत्नी बाबुल सुप्रिय का बिना नाम लिए उन पर हमला किया.
उन्होंने कहा कि कारखाना को सुनियोजित तरीके से सेंट्रल प्रदूषण नियंत्नण विभाग की ओर से प्रदूषण नियम ना मानने का आरोप लगाते हुए बंद किया गया. जबकि प्रदूषण नियंत्नण देखने का काम राज्य प्रदूषण नियंत्नण विभाग का है. इस अंचल में भाजपा अपना जड़ जमाना चाहती है, परंतु यहां की जनता उसे नकार रही है. कुछ माह पूर्व भी उन्होंने बल्लभपुर इलाके में आकर पेयजल देने की घोषणा की थी. पर वह सिर्फ घोषणा ही रह गयी. पेयजल की व्यवस्था विधायक सह एडीडीए चेयरमैन तापस बनर्जी ने की है.
उन्होंने कहा कि श्री सुप्रिय श्रमिक विरोधी नीति अपनाकर उनकी रोजी-रोटी छिनना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि समझौता के तहत फिलहाल कारखाना में कार्य करने वाले 400 श्रमिकों में से उन डेढ़ सौ श्रमिकों को सोमवार को काम पर वापस लिया जायेगा जो कारखाना में मेंटेनेंस का काम करते हैं. जबकि स्थाई तथा बदली श्रमिकों को फिलहाल उनके वेतन की 50 फीसदी राशि प्रदान की जायेगी.
मई के प्रथम सप्ताह से सभी श्रमिकों को पूरा वेतन मिलेगा. यूनियन नेता श्री राय की घोषणा के बाद श्रमिकों में खुशी है. कुछ श्रमिकों ने कहा कि प्रबंधन तीन श्रमिकों का कार्य एक श्रमिक से कराता है. स्थाई श्रमिकों को मात्न 7400 रूपये वेतन जबकि बदली श्रमिकों को रोजाना 198 रु पये का भुगतान किया जाता है.
