आसनसोल : राज्य सरकार की तर्ज पर आसनसोल नगर निगम प्रशासन ने भ्रष्टाचार के मुद्दे पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए जल सप्लाई विभाग के दो स्थायी कर्मियों अमरनाथ गौर व सपन गोराई तथा उद्योगपति मुरारी मोहन दत्त के खिलाफ रिश्वत लेने-देने की प्राथमिकी दर्ज करायी. मेयर परिषद सदस्य (जल सप्लाई) पूर्णशशि राय ने आसनसोल नॉर्थ थाना में प्राथमिकी दर्ज करायी. ननि प्रशासन ने दोनों कर्मियों को पुलिस को सौंप दिया. मेयर जितेन्द्र तिवारी ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि विभागीय जांच भी की जायेगी तथा दोषी पाये जाने पर क ड़ी कार्रवाई की जायेगी. इस कार्रवाई से नगर निगम कर्मियों में भारी हड़कंप है.
क्या है पूरा मामला
मेयर परिषद सदस्य (जल सप्लाई) श्री राय के अनुसार बोरो संख्या तीन अंतर्गत वार्ड संख्या 14 के कल्ला ग्राम स्थित कारखाने में वाटर कनेक्शन के लिए उद्योग मालिक मुरारी मोहन दत्त ने निगम प्रशासन में आवेदन दिया था. भारत सरकार के निर्देश के आलोक में पहली अप्रैल से 15 अगस्त तक निगम स्तर से नये कनेक्शन पर रोक रहती है. इसी बीच मेयर श्री तिवारी को शिकायत मिली कि उक्त उद्योग में बिना अनुमति के ही वाटर का अवैध कनेक्शन कर दिया गया है. उन्होंने इसकी जांच शुरू की. उद्योगपति श्री दत्त को निगम मुख्यालय में पूछताछ के लिए बुलाया गया. उन्होंने लिखित बयान दिया कि उनसे निगम के दो स्थायी कर्मियों अमरनाथ गौर तथा सपन गोराई ने संपर्क किया और 14 हजार रूपये लिए. उन्होंने उनके उद्योग में अवैध कनेक्शन कर दिया तथा आश्वासन दिया कि अगस्त में इसे वैध कर दिया जायेगा. इसके बाद दोनों कर्मियों को बुला कर उनसे पूछताछ की गयी. सूत्रों के अनुसार उन दोनों ने स्वीकार किया कि उन्होंने 14 हजार रूपये लिये थे तथा सात-सात हजार रूपये आपस में बांट लिये थे.
मेयर जितेंद्र तिवारी के आदेश के बाद प्राथमिकी
जांच के बाद दोनों स्थायी कर्मियों की संलिप्तता सामने आने के बाद मेयर श्री तिवारी ने एमएमआईसी श्री राय को प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया. इसके बाद श्री राय ने इन तीनों के खिलाफ नामदज प्राथमिकी दर्ज करायी. निगम के दोनों कर्मियों को पकड़ कर नॉर्थ थाना पुलिस के हवाले कर दिया गया.
बोरो चेयरमैन गुलाम सरवर ने कहा कि निगम के स्थायी कर्मचारियों ने इस तरह की घटना को अंजाम दिया, यह बेहद शर्मनाक है. कैजुअल कर्मियों को इनकी तुलना में काफी कम वेतन मिलता है. इसके बाद भी वे पूरी इमानदारी से कार्य करते हैं. लेकिन स्थायी कर्मियों को राज्य सरकार का वेतनमान मिलता है. इसके बाद भी इस तरह की अनियमितता समझ से परे हैं. उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के मुद्दे पर कोई रियायत नहीं की जायेगी. इस तरह की कार्रवाई आगे भी चलेगी.
आसनसोल नॉर्थ थाना प्रभारी शांतनू अधिकारी ने कहा कि शिकायत मिली है. दोनों आरोपियों को गुरुवार को आसनसोल महकमा कोर्ट में पेश किया जायेगा.
