आसनसोल : त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए 16 अप्रैल के दिन को काफी अहम माना जा रहा था. राजनैतिक पार्टी, प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी, मतदाता सभी की निगाहें दोपहर के बाद से उच्च न्यायालय के सिंगल तथा डबल डिवीजन बेंच के फैसले पर थी कि अदालत चुनाव को लेकर क्या निर्णय देगी? अदालत का निर्णय आने के बाद पुन: सभी की निगाहें मंगलवार को अदालत में होने वाले बहस और उसके फैसले पर टिक गयी है.
उच्च न्यायालय के सिंगल बेच द्वारा चुनाव की प्रक्रि या पर रोक लगाने के बाद चुनाव का माहौल की थम गया है. दो अप्रैल नामांकन जमा होने की प्रक्रि या आरम्भ होने से लेकर 11 अप्रैल को जांच होने और 12 अप्रैल से नामांकन वापस लेने की प्रक्रि या आरंभ होने तक इलाके में चुनावी माहौल काफी गर्म हो गया था. अचानक इसपर अदालत द्वारा 16 अप्रैल तक रोक लग जाने पर माहौल एकदम से शांत हो गया.
राजनैतिक पार्टी इस बात को लेकर परेशान है कि प्रचार में तेजी कैसे लायी जाये. मामला अदालत में होने के कारण निर्णय कब होगा? ऐसे में अभी पूरी ताकत झोंक दी जाय और चुनाव की तिथि टल जाय तो फिर प्रचार की धारावाहिकता बरकरार रखने में कठिनाई होगी. इसके लिए अतिरिक्त फंड का खर्च भी एक बडा कारण है. इसलिए कोई भी पार्टी चुनाव प्रचार में तेजी नहीं ला रही है. सभी कर्मियों के साथ ही बैठक कर रहे है. आम सभा, स्ट्रीट कॉर्नर, रैली, माईक की शोरगुल आदि कहीं भी नजर नहीं आ रही है.
प्रशासनिक अधिकारी तैयार
जिले के सभी प्रशासनिक कार्यालयों में चुनाव को लेकर सभी अधिकारी सजग थे. एडीएम (चुनाव) अरिंदम राय ने कहा कि सभी अधिकारी और कर्मचारियों को निर्देश दे दिया गया था कि अदालत का फैसला यदि चुनाव निर्धारित समय पर कराने को लेकर आता है तो सभी अपने चुनावी कार्य पर लग जायेंगे. चुनाव कराने के लिए प्रशासन पूर्ण रूप से तैयार है ।
अदालत का आदेश आने के बाद प्रचार : आरसी
पूर्व सांसद सह भाकपा के जिला सचिव आरसी सिंह ने कहा कि चुनाव को लेकर अदालत का निर्णय आने के बाद ही पार्टी प्रचार के लिए अपनी ताकत झोकेगी. चुनाव समय पर होगा या इसके तिथि में बदलाव होगी यह तय नहीं है. 16 अप्रैल को इस मुद्दे पर अदालत के निर्णय का सभी को इंतजार था. अदालत से से निर्णय आया है, उसे देखकर लगता है कि चुनाव की तिथि में बदलाव होने की संभावना प्रबल है.
