आसनसोल : ‘पद्मावती’ की तर्ज पर ‘नानक साहब फकीर’ फिल्म के प्रदर्शन पर पश्चिम बंगाल सहित पूरे देश में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया है. इसके प्रदर्शन पर रोक लगाने की मांग को लेकर खालसा सेंट्रल गुरु द्वारा प्रबंधन कमेटी ने सोमवार को जिलाशासक को ज्ञापन सौंपने का निर्णय लिया है.
इसके पहले जिला सहित घनबाद तक के सभी गुरु द्वारा प्रबंधन कमेटी के सदस्य एचएलजी अस्पताल के समक्ष मैदान में जमा होंगे. वहां से रैली बनाकर जिला शासक कार्यालय में जायेंगे. जिलाशासक शासक को ज्ञापन सौपेंगे. हालांकि जिलाशासक की अनुपस्थिति में उनका ज्ञापन अतिरिक्त जिलाशासक अरिंदम राय को ग्रहण करने को कहा गया है. खालसा सेंट्रल गुरु द्वारा प्रबंधन कमेटी के राज्य अध्यक्ष हरपाल सिंह जोहल ने बताया कि सिख कौम को चलाने के लिए एक मर्यादा है. यह फिल्म कौम की मर्यादा को उल्लंघन करती है. किसी व्यक्ति द्वारा गुरु नानक देव जी से लेकर दसवे गुरु गोबिंद सिंह जी के किरदार को निभाना कौम के मर्यादा का उल्लंघन है. इसके साथ ही फिल्म में काफी आपत्तिजनक दृश्य है. जो कौम की मर्यादा का उल्लंघन करती है. इसी कारण ही इस फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगाने की मांग की जा रही है. सोमवार को इस मुद्दे पर जिला शासक को ज्ञापन सौंपने के पहले आसनसोल रविन्द्र भवन से रैली निकालने का कार्यक्र म था. लेकिन पुलिस ने आसनसोल की वर्तमान परिस्थिति का हवाला देकर रैली पर रोक लगा दी. जिसके कारण एचएलजी अस्पताल मैदान में सभी सिख जमा होंगे. वहां से वे जिलाशासक कार्यालय जायेंगे.
सनद रहे कि सर्वोच्च न्ययालय ने इस फिल्म के प्रदर्शन की अनुमति दी है और राज्य सरकार को कहा है कि जिस थियेटर में भी फिल्म रिलीज हो, वहां सुरक्षा मुहैया की जाये. यह फिल्म 13 अप्रैल की रिलीज हुयी है. जिला में किसी भी थियेटर ने इस फिल्म को अपने यहां प्रदर्शित नहीं किया है. यह फिल्म हिंदी और पंजाबी भाषा में रिलीज हुयी है.
