सांकतोडिया : कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) प्रबंधन तथा केंद्र सरकार के तमाम प्रयास के बाद भी निजी कोयलाकंपनियों को कोयले की कमर्शियल माइनिंग के निर्णय के खिलाफ केंद्रीय यूनियनों की प्रस्तावित हड़ताल को लेकर यूनियनों की सक्रियता लगातार तेज हो रही है.
गुरूवार को सोद्पूर एरिया कार्यालय एवं बैजडीह कोलियरी कार्यालय के समक्ष संयुक्त संग्राम समिति ने सभा की एवं जुलूस निकाला. एटक नेता जानकी साव, सीटू नेतासुदर्शन प्रसाद, बीएमएस नेता विक्र म गौड, गोविंद माजी, अशोक कुमार, धीरज गिरि, हरेन्द्र प्रसाद, एचएमएस नेता रामाशीष चौधरी, जयंत मित्ना, यूटीयूसी नेता बलराम पासवान, प्रभाष सिंह, प्रतीक बनर्जी, इंटक के पजय मसीह, जितेंद्र सिंह आदि ने नेतृत्व किया. वक्ताओं ने कहा कि राष्ट्रीय कोयला हड़ताल को लेकर केंद्र सरकार घबड़ा गयी है.
कोयला मंत्नी पीयूष गोयल ने मुंबई के ठाणो में सभी यूनियन प्रतिनिधियों के साथ बात की. उन्होंने कहा की बैठक में कोई सार्थक निष्कर्ष निकलने की संभावना जतायी जा रही है. आगामी 16 अप्रैल को प्रस्तावित एकदिवसीय हड़ताल की तैयारियां अंतिम चरण में है. सभी कोलियरी इलाकों में यूनियन प्रतिनिधि बैठक एवं प्रदर्शन कर रहे हैं. ठेका मजदूरों को भी साथ में जोड़ने की कवायद चल रही है.
इधर सीआइएल प्रबंधन की नींद उड़ी हुई है. पहले दौर की वार्ता असफल हो चुकी है, अब दूसरे चरण की बैठक कर हड़ताल टालने की कोशिशें जारी हैं. गुरूवार को एसईसीएल (बिलासपुर) में सीआइएल प्रबंधन ने हड़ताल में शामिल चार यूनियन एटक, सीटू, एचएमएस तथा बीएमएस के प्रतिनिधियों के साथ बैठक बुलायी थी. बैठक में शामिल होने के लिए सभी यूनियन प्रतिनिधि बिलासपुर पहुंचते, इसके पहले कोयला मंत्नी पीयूष गोयल ने सभी यूनियन प्रतिनिधियों को चर्चा करने हेतु मुंबई बुला लिया. श्री गोयल मुंबई प्रवास पर हैं और उन्होने ठाणो में चारों यूनियन प्रतिनिधियों को वार्ता के लिए बुलाया है. वैसे भी पिछले बैठक में मंत्नी श्री गोयल ने सकारात्मक पहल की थी, पर अंतिम निर्णय नहीं निकल सका.
