विलय संबंधित कमेटी की बैठक सकारात्मक

आसनसोल : देश के दो बरे मजदूर संगठन इंडियन नेशनल ट्रेड यूनियन कांग्रेस (इंटक) और हिंद मजदूर सभा (एचएमएस) के विलय की गाड़ी चल पड़ी है. इस दिशा में विलय के लिए दोनों यूनियनों की पांच-पांच सदस्यीय कमेटी की पहली बैठक छह अप्रैल को दिल्ली स्थित इंटक कार्यालय में हुई. जिसे सकारात्मक बताया जा रहा […]

आसनसोल : देश के दो बरे मजदूर संगठन इंडियन नेशनल ट्रेड यूनियन कांग्रेस (इंटक) और हिंद मजदूर सभा (एचएमएस) के विलय की गाड़ी चल पड़ी है. इस दिशा में विलय के लिए दोनों यूनियनों की पांच-पांच सदस्यीय कमेटी की पहली बैठक छह अप्रैल को दिल्ली स्थित इंटक कार्यालय में हुई. जिसे सकारात्मक बताया जा रहा है.

इंटक उपाध्यक्ष अशोक सिंह ने बताया कि बैठक में विलय की प्रक्रि या पर सकारात्मक चर्चा हुई. बहुत जल्द ही विलय कमेटी की अगली बैठक होगी. इस बैठक के बाद विलय की प्रक्रिया की गति के तेज होने की संभावना है. अगर दोनों संगठनों का विलय हो जाता है तो एक नया इतिहास बनाते हुए दोनों संगठन एक होकर देश का नंबर वन मजदूर संगठन बन जायेंगे. जहां फिलहाल भारतीय मजदूर संघ काबिज है. लेकिन जानकारों का कहना है कि विलय इतना आसान भी नहीं है.

जूलाई 2017 में पारीत हुआ था विलय का प्रस्ताव

काफी अर्से से इंटक और एचएमएस के विलय की प्रक्रि या की बात चलती रही है. लेकिन चर्चा होने के बाद योजना ठंढे बस्ते में चली जाती है. लेकिन आपसी विवाद और कोर्ट में जारी मुकदमेबाजी के कारण देश के सभी उद्योगों से बाहर चल रही इंटक ने इस दिशा में 2017 में फिर से कवायद शुरू की. दो जुलाई, 2017 को इंटक कार्यकारिणी की मैसूर में हुई बैठक में इस बारे में प्रस्ताव को पारित करते हुए विलय पर बातचीत के लिए दोनों यूनियनों की पांच-पांच सदस्यीय कमेटी गठित करने का फैसला किया गया. बाद में इंटक की गठित कमेटी ने अध्यक्ष संजीवा रेडडी, उपाध्यक्ष डॉ एम राधवैयया, अशोक सिंह, आर चंद्रशेखरण और महामंत्नी राजेंद्र प्रसाद सिंह एवं एचएमएस की कमेटी के अध्यक्ष सीए राजश्री धर, उपाध्यक्ष थोंपन थोमस, महासचिव हरभजन सिंह सिद्धु, सचिव एडी नागपाल और कोषाध्यक्ष जेआर भोंसले शामिल थे.

इंटक की बढ़ी हुयी है परेशानी

कोयला उधोग से शुरू हुआ असली नकली इंटक का खेल 14 सितंबर, 2016 को दिल्ली हाई कोर्ट पहुंच गया. ददई गुट इंटक ने कोयला मजदूरों के दसवें वेतन समझोते के लिए गठित होने वाले दसवां जेबीसीसीआई में अपनी दावेदारी करते हुए दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर कर दी. 16 सितंबर को अदालत ने अदालत में सुनवाई के बाद दसवें जेबीसीसीआइ में इंटक के शामिल होने पर रोक लगा दी. जो अभी तक जारी है. कोर्ट के इस आदेश के आलोक में श्रम मंत्नालय में चार जनवरी, 2017 को एक आदेश जारी कर इंटक को देश के सभी द्विपक्षीय और त्रिपक्षीय कमेटियों से बाहर का रास्ता दिखा दिया. 11 जनवरी, 2017 को कोयला मंत्नालय ने कोल इंडिया के सभी कमेटीयों से इंटक को बाहर कर दिया. पहली बार बगैर इंटक कोयला मजदूरों को वेतन समझौता संपन्न हुआ.

विलय के राह में कई रोडे

जानकार बताते हैं कि विलय के राह में यूं तो कई रोडे हैं. पर सबसे बड़ा रोडा पद है. एक होने की स्थिति में कई नेताओं को अपना पद खोना पडेगा. ऐसी स्थिति में पद खोने वाले नेता विलय की राह में रोडा अटकाये हैं. चर्चा तो यह भी है कि रेल कर्मियों का सबसे बड़े फेडरेशन, जो एचएमएस से जुड़ा है, के बडे नेता इस विलय के पक्ष में नहीं हैं.

समय की मांग है एकता

एचएमएस के महासचिव हरभजन सिंह सिद्धु ने कहा कि मजदूरों की एकता समय की मांग है अगर सभी मजदूर एक ही छत के नीचे चले आयें तो बेहतर होगा. उन्होने कहा कि इंटक और एचएमएस के विलय पर अगले माह फिर बैठक होगी. विलय के सवाल पर दोनों संगठन गंभीर हैं.

नामांकन वापसी की धमकी माकपा ने एसडीओ को सौंपा ज्ञापन

दुर्गापुर. पंचायत चुनाव के लिए नामांकन के बाद कांकसा, दुर्गापुर-फरीदपुर ब्लॉक की विभिन्न ग्राम पंचायत अंचलों में माकपा प्रार्थी, प्रस्तावकों के घरों में तृणमूल के हमले तथा नामांकन वापसी की धमकी दिये जाने को लेकर गुरूवार को माकपा ने दुर्गापुर महकमा शासक शंख सतारा को ज्ञापन सौंप कर प्रार्थियों को सुरक्षा मुहैया कराने की मांग की. माकपा नेता पंकज राय सरकार ने कहा िक नामांकन पत्र जमा करने के बाद से ही ग्राम पंचायत के विभिन्न अंचलों में तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता, समर्थक माकपा प्रार्थियों को निशाना बना रहे हैं. नामांकन वापसी की धमकी दी जा रही है. प्रार्थियों के घरों में तोड़फोड़ की जा रही है. इससे माकपा प्रार्थी आतंकित है. पुलिस प्रशासन की तरफ से भी कोई मदद नहीं मिल रही है. यदि सुरक्षा व्यवस्था नहीं दी जायेगी तो हमलोग सड़क पर उतर कर आंदोलन करेंगे. महकमा शासक शंख सतारा ने सुरक्षा व्यवस्था देने का भरोसा दिया.

कुली रेस्ट रूम में पेयजल नहीं, परेशानी : आसनसोल. आसनसोल स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या चार स्थित कुली रेस्ट रूम में पेय जल एवं सफाई की समस्या को लेकर कुलियों में आक्र ोश है. जनशक्ति रेलवे कुली यूनियन के आसनसोल मंडल अध्यक्ष संजय पासवान ने कहा कि स्टेशन के कुली रेस्ट रूम में फिल्हाल 50 कुली रहते हैं. रेस्ट रूम में विगत तीन दिनों से पेय जल की सप्लाई बाधित होने से कुलियों को परेशानी हो रही है. आइओडब्लू के प्रभारी शिव कुमार को मामले की जानकारी देने के बाद भी कोई पहल नहीं की गयी. रेस्ट रूम की सफाई नहीं हो रही है. मच्छरों से बचाव के लिए किटनाशकों का छिडकाव भी लंबे समय से बंद है.

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