जले होटल के अलावा अन्य किसी घर का निरीक्षण नहीं कर पाये, महिलाओं को मिलने से रोका पुलिस अधिकारियों ने, भारी आक्रोश
राज्यपाल को एसएफआई ने सौंपा ज्ञापन
आसनसेाल : भारत के छात्र फेडरेशन (एसएफआई) पश्चिम वर्दवान जिला कमेटी ने शनिवार को आसनसोल सदर महकमा में भड़की गुटीय हिंसा में उच्च माध्यमिक के 218 परीक्षार्थियों के परीक्षा में शामिल नहीं हो पाने का मुद्दा शनिवार को राज्यपाल केसरीनाथ त्रिपाठी के समक्ष रखा. उसने इन परीक्षार्थियों के लिए विशेष परीक्षा आयोजित करने की मांग की. श्री केसरी ने इस मामले में उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया. सनद रहे कि राज्यपाल श्री केसरी आसनसोल तथा रानीगंज के एकदिवसीय दौरे पर आसनसोल आये हुए थे. उन्होंने सर्किट हाउस में प्रशासनिक तथा पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक की.
एसएफआई के समर्थकों ने सर्किट हाउस के समक्ष धरना दिया. संगठन की जिला अध्यक्ष अंतरा घोष, सचिव मयनाक चटर्जी, जिला सह सचिव हिमागनो चटर्जी, जिला कमेटी सदस्य अरिजीत घोष, श्रेया घोष, श्याम सुंदर बाउरी आदि उपस्थित थे. जिला सचिव श्री चटर्जी ने कहा कि रानीगंज तथा आसनसोल में भड़की हिंसा में उच्च माध्यमिक के 218 परीक्षार्थी परीक्षा केन्द्र नहीं पहुंच सके. जिससे उनका एक वर्ष बर्बाद होने की स्थिति बन गयी है. उन्होंने इनके लिए विशेष परीक्षा आयोजित करने की मांग की. काफी देर तक धरना देने के बाद राज्यपाल श्री केसरी ने शिष्टमंडल को बुलाया. शिष्टमंडल ने उन्हें ज्ञापन सौंपा. श्री केसरी ने इस संबंध में उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया. इसके बाद संगठन का धरना समाप्त हुआ. सीपीएम के जिला सचिन मंडली सदस्य पार्थ मुखर्जी तथा पार्टी के कई नेता उनके समर्थन में वहां मौजूद थे.
हिंसा पीड़ितों के पुनर्वास के लिए प्रशासनिक पहल शुरू
दुखी पिता मौलाना इमाम इमदादुल्लाह रशीदी को दिया सम्मान
आसनसोल रेलपार इलाके में हिंसा के दौरान उपद्रवियों के हाथों मारे गए माध्यमिक परीक्षार्थी सिबतुल्लाह रशीदी (18) के पिता इमाम इमदादुल्लाह रशीदी ने अपने बयान से आसनसोल शहर को जलने से बचाया. बेटे के मौत के बाद उग्र लोगों को उन्होंने कहा कि यदि बदले की बात कोई करेगा तो वे मिस्जद ही नहीं शहर छोड़कर चले जायेंगे. विधायक श्री चक्र वर्ती शनिवार को इमाम से मिलने वाले थे. लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया. श्री चक्र वर्ती ने फोन पर उनसे बात की और इलाके में शांति की इस पहल के लिए उन्हें सैल्यूट किया.
भाजपा शिष्टमंडल ने की केंद्रीय बल तैनाती की मांग
भाजपा असंगठित सेल के प्रदेश उपाध्यक्ष पवन सिंह तथा पार्टी जिलाध्यक्ष लखन गुरूई ने सर्किट हाउस में राज्यपाल केसरीनाथ त्रिपाठी से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन सौंपा. उन्हें आसनसोल एवं रानीगंज के हालात से अवगत करा मामले में हस्तक्षेप की मांग की. दोनों स्थानों पर केंद्रीय बलों की तैनाती की मांग की. उन्होंने कहा कि रानीगंज एवं आसनसोल के रेलपार इलाकों में तृणमूल ने पूर्व सुनियोजित योजना के तहत संघर्ष कराये और उनकी शह पर रामनवमी अखारों को रोका और पत्थरबाजी की.
घरों में आग लगा दी गयी, मकानों एवं दुकानों में लूट की गयी. इलाके के हजारों लोग धार्मिक स्थलों, सामुदायिक भवनों, परिजनों के यहां आश्रय लिये हुए हैँ. उन्होंने पीड़ितों को मुआवजे देने की मांग की. उन्होंने मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार करने और निदरेषों को जेल से रिहा करने की मांग की. अपूर्व हाजरा, अचिंतो हाजरा, सुब्रत मिश्र, विहिप के जिला कार्यकारी अध्यक्ष ओम नारायण प्रसाद, पारितोष साहा, पार्षद आशा शर्मा, पार्षद भृगु ठाकुर, आलोक सिंह आदि सर्किट हाउस के बाहर उपस्थित थे.
सांसद इसरारूल हक कासमी ने जताया शोक: किशनगंज के सांसद मौलाना इसरारूल हक कासमी ने शनिवार को फोन करके मौलाना इमदादुल्ला रशीदी को उनके बेटे के निधन पर शोक जताया. उन्होंने मौलाना से कहा कि बेटे के निधन के बाद भी तनाव की स्थिति में समाज को उन्होंने जो संदेश दिया है, यही इस्लाम और पैगम्बर मोहम्मद हजरत की शिक्षा के स्वरूप है. इंसानियत की मिशाल कायम की है. सांसद श्री कासमी ने उन्हें कहा कि वे जल्द उनसे आकर मिलेंगे.
