उत्तर पुस्तिकाओं की जांच में लापरवाही का आरोप, वीसी से हुई वार्ता
पुस्तिकाओं की पुन: जांच, लंबित रिजल्ट शीघ्र जारी करने का आश्वासन
आसनसोल : काजी नजरूल विश्वविद्यालय (केएनयू) के अधीनस्थ स्नातक स्तरीय कॉलेजों के द्वितीय वर्ष के परीक्षा परिणामों से असंतुष्ट स्टूडेंटसों ने परीक्षा परिणामों को असंतोषजनक बताते हुए गुरूवार को विश्वविद्यालय के समक्ष जबर्दस्त विरोध प्रदर्शन किया. सुरक्षा गार्डो ने विश्वविद्यालय के दोनों प्रवेश द्वारों पर अंदर से ताले जड़ दिये. प्रदर्शनकारी स्टूडेंटस विश्वविद्यालय के समक्ष धरने पर बैठ गये और विश्वविद्यालय प्रबंधन से बात करने पर अड़े रहे. विश्वविद्यालय की सूचना पर आसनसोल नॉर्थ थाने से तीन वाहनों में भारी संख्या में पुरूष व महिला पुलिसकर्मी प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे.
प्रदर्शनकारी स्टूडेंटसों ने कहा कि विश्वविद्यालय स्तर से जारी द्वितीय वर्ष के परीक्षा परिणामों में भारी विसंगतियां हैं. अधिकांश स्टूडेंटस बेहतर परीक्षा देने के बावजूद परीक्षा परिणामों में फेल हैं. अन्य परीक्षाओं में 70 से 80 प्रतिशत तक अंक लाये हैं. परंतु द्वितीय वर्ष की परीक्षा के अधिकांश पेपरों में उन्हें 10, 12, 18 अंक दिये गये हैं. स्टूडेंटस ने परीक्षा कॉपियों की जांच में लापरवाही बताते हुए कॉपियों की पुन: जांच की मांग की. केएनयू के टीएमसीपी के महासचिव आदर्श शर्मा ने प्रत्येक कॉलेज के प्रतिनिधियों को लेकर कुलपति डॉ साधन चक्रवर्ती के कक्ष में कुलपति को उनकी समस्याओं से अवगत कराया.
डॉ साधन चक्रवर्ती ने सभी स्टूडेंटसों को उनकी समस्याओं को रखने का अवसर दिया. उन्होंने स्टूडेंटस की समस्याओं के समाधान के लिए हेल्प डेस्क बनाये जाने की घोषणा की. स्टूडेंटस से अपनी समस्याओं को हेल्पडेस्क के मेल आइडी में भेजने का निर्देश दिया. भेजे गये समस्याओं का विभागीय स्तर से क्रमपूर्वक समाधान किये जाने के आश्वासन पर स्टूडेंटस प्रतिनिधि वापस लौट गये. डॉ चक्रवर्ती ने कहा विश्वविद्यालय के यूजी या पीजी सभी स्टूडेंटस की हर समस्याएं उनकी अपनी हैं. उन समस्याओं के जल्द समाधान के लिए वे हर संभव प्रयास करेंगे. परीक्षा कॉपियों के पुन: जांच, अघोषित परीक्षा परिणामों की घोषणा जल्द ही किये जाने का आश्वासन दिया.
केएनयू के मुख्य प्रवेश द्वार पर ताले लगाये जाने को लेकर उग्र स्टूडेंटस ने धक्का देकर भीतर प्रवेश करने के प्रयास से कुछ देर के लिए स्थिति बिगड गयी. गेट पर तैनात गार्ड के समझाये जाने पर भी स्टूडेंटस जोर जोर से गेट को धक्का देते रहे और जबरन प्रवेश करने का प्रयास किया. सूचना पाकर रजिस्ट्रार डॉ अमित अब्राहम, उप रजिस्ट्रार चैताली दत्ता आदि गेट के पास पहुंच कर स्टूडेंटस को धैर्य बनाये रखने का आग्रह किया. कुलपती से बैठक कर समस्याओं के समाधान का आश्वासन पाकर विश्वविद्यालय से बाहर जा रहे दस प्रतिनिधियों को बाहर धरने पर बैठे प्रदर्शनकारी स्टूडेंटस के धमकाये जाने से स्थिति तनावपूर्ण हो गयी.
प्रदर्शनकारी स्टूडेंटस ने अपने ही प्रतिनिधियों से मामले के सही समाधान के स्थान पर विश्वविद्यालय प्रबंधन से सांठ गांठ का आरोप लगाया. बाद में रजिस्ट्रार डॉ अब्राहम, उप रजिस्ट्रार सुश्री दत्ता के समझाये जाने पर मामला शांत हुआ. टीएमसीपी के कृष्णोंदू पॉल, दानिश अजीज, अभिषेक चक्रवर्ती आदि उपस्थित थे.
