बड़ी उपलब्धि. आसनसोल नॉर्थ थाना पुलिस ने बरामद किये दो विदेशी पिस्टल, दो कारतूस रेलपार से
बेगूसराय से दे रहा था निर्देश दोनों को मोबाइल फोन पर एसएमएस से
साइबर थाना पुलिस ने उनके जब्त मोबाइल फोन से किया इसका खुलासा
फिरोज तथा विपिन स्वाईन ने साथ-साथ किये हैं कई अपराध कोयलांचल में
अपराधियों के नेटवर्क उड़ीसा, झारखंड से होकर पहुंचा बिहार के लक्खीसराय तक
आसनसोल : नारकोटिक्स एंड ड्रग साईकोथरोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) एक्ट के तहत गिरफ्तार तथा चार दिन की पुलिस रिमांड में आसनसोल नॉर्थ थाना में मौजूद गंजाम (ओडिसा) निवासी बिभु जाना और पुरी (आेिडसा) निवासी संदीप पांडे उर्फ सोनू की निशानदेही पर पुलिस ने रेलपार इलाका में छापेमारी कर दो पिस्टल और दो कारतूस बरामद किया. सबसे चौंकाने वाले तथ्य साइबर क्र ाइम थाना पुलिस ने उनके मोबाइल फोन से बरामद किया.
जिसमें ओडिसा के कुख्यात सुपारी किलर बिपिन स्वाईन का पार्टनर रहे लक्खीसराय (बिहार) का मोहम्मद फिरोज खान उर्फ अफरोज के साथ इनलोंगों ने कोड भाषा मे चैटिंग की है. जिसमें अफरोज ने लिखा है कि बस से नहीं, ट्रेन से आ जाओ. इसका मतलब क्या है ? पुलिस यह जानने की प्रयास कर रही है. पुलिस यह भी जानने का प्रयास कर रही है कि बिपिन और अफरोज दोनों मिलकर आसनसोल में किस घटना को अंजाम देने वाले थे ?
कौन है अफरोज
बिहार (लक्खीसराय) का निवासी अफरोज वहीं के कुख्यात अपराधी निहाल अंसारी उर्फ नानका का जीजा है और उसका ससुराल भी रेलपार इलाके के जहांगीर मोहल्ला में है. अफरोज राष्ट्रीय स्तर का अपराधी है. उसके अपराध का मुख्य दायरा रेलवे है. इसके साथ ही हथियार के कारोबार के साथ सुपारी किलिंग भी उसके धंधे में शामिल है. आसनसोल नॉर्थ थाना पुलिस द्वारा पकडे गए दोनों आरोपी बिभु और संदीप के मोबाइल फोन से बरामद जानकारी से यह स्पष्ट हो गया है कि बिपिन और अफरोज दोनों मिलकर आसनसोल में एक बडे कांड को अंजाम देने वाले थे. जिसके तहत उनलोगों ने अपने दो शागिदरें को 16 दिसंबर को विभिन जानकारियां प्राप्त करने के लिए पहले से भेज दिया था. दोनों कंबल व्यवसायी बनकर रेलपार में स्थित नानका के ससुराल में रु के थे. दोनों को क्या करना है, इसकी सूचना उन्हें बाद में मिलनी थी. इससे पहले ही पुलिस ने दोनों को पकड़ लिया.
वर्ष 2015 में बिपिन,अफरोज आये थे पुलिस गिरफ्त में
चार अगस्त, 2015 को हीरापुर थाना पुलिस ने रहमतनगर इलाके से बिपिन स्वाईन, फिरोज खान सहित चार को गिरफ्तार किया था. इस छापेमारी में आरपीएफ की टीम ने भी पुलिस का सहयोग किया था. उस दौरान इनके पास से तीन स्वचालित विदेशी पिस्टल, 40 कारतूस और पांच भरी हुई मैगजीन पुलिस ने बरामद किया था. आरपीएफ के 30 मामलों में वारंटी फिरोज की गिरफ्तारी पर आरपीएफ के महानिदेशक ने 50 हजार रु पया ईनाम दिया था. जिसका वितरण पुलिस और आरपीएफ के अधिकारियों के बीच हुआ था. बिभु और संदीप की गिरफ्तारी के बाद पुन: इलाके में बिपिन और अफरोज की सक्रियता उजागर होते ही पुलिस की चिंता बढ़ गयी है. पुलिस का दावा है कि वे जल्द इस मामले को सुलझा लेगी कि वे लोग इलाके में किस कांड को अंजाम देने वाले थे. उनके अन्य सहयोगी इलाके में कौन कौन है?
साऊथ इस्टर्न रेलवे में वारंटी है अफरोज, नानका
मोहम्मद फिरोज खान ऊर्फ अफरोज और निहार अंसारी उर्फ नानका दोनों ही साऊथ इस्टर्न रेलवे में आरपीएफ के वारंटी आरोपी है. इनकी गिरफ्तारी के लिए देशभर में आरपीएफ को सूचना दी गयी है. आसनसोल रेल मंडल के वरीय मंडल सुरक्षा आयुक्त डॉ एएन झा ने बताया कि दोनों ही कुख्यात अपराधी है. इन्हें पकड़ने के लिए आरपीएफ की टीम भी प्रयास में लगी है. इन पर मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों में लगेज बोगी से सामान लूट करने का आरोप है. आरपीएफ इनकी तलाश कर रहा है.
