झारखंड के दुमका जिले में तीनों ब्लॉक, चमकने लगेगी कंपनी
इन ब्लॉकों से उत्पादन शुरू होते ही सौ मिलियन टन उत्पादन संभव
सांकतोडिया : ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड को नये वित्तीय वर्ष में कोयला मंत्नालय ने पांच कोल ब्लॉक में से तीन कोल ब्लॉक आवंटित किया है. शेष दो कोल ब्लॉक डब्ल्यूसीएल को दिया गया है. ईसीएल को अमरकुंडा मुर्गादंगल, ब्राह्मणी एवं चिचरो पिट्समल कोल ब्लॉक मिले हैं. आधिकारिक सूत्नों ने बताया कि कंपनी फिलहाल सात सौ करोड़ रुपये के घाटे से जूझ रही है. इस घाटे से उबरने के लिए प्रवंधन काफी जोर लगाये हुए है. घाटा लगातार बढ़ने से इसके पुन: बीआईएफआर में जाने के आसार बढ़ जायेंगे. उच्च प्रवंधन लगातार सभी क्षेत्नों के महाप्रवंधकों के साथ कार्य कर रहा है. उत्पादन लक्ष्य
हासिल करने के लिए सभी संसाधनों को उपयोग हो रहा है. कंपनी को आवंटित सभी कोयला ब्लॉक झारखण्ड के दुमका जिले में है. संथालपरगना के गोड्डा जिले में 25 कोल ब्लॉक की पहचान की गई है. तीन हजार मिलियन टन से अधिक कोयले का भंडार है. कोल इंडिया की ईसीएल, बीसीसीएल तथा सीसीएल कंपनियों ने इनके आवंटन के लिए प्रस्ताव दिया है. मंत्नालय ने ईसीएल को तीन ब्लॉक देने की मंजूरी दे दी है. इन ब्लॉकों की बदौलत ईसीएल न सिर्फ अपने लक्ष्य को पूरा करने वाली कंपनी हो जायेगी बल्कि सौ मिलियन टन वाली कंपनी भी बन जायेगी. कंपनी के तकनीकी निदेशक (संचालन) एसके झा ने बताया कि इसी महीना कंपनी ग्रोथ में आ जायेगी. कोल ब्लाकों की मंजूरी भले ही कोयला मंत्नालय से मिल गया है परन्तु कोल इंडिया के पास कोई पत्न अभी तक नहीं आया है. पत्न आते ही फिर फिर सीएमपीडीआईएल भेजा जायेगा. सीएमपीडीआईएल जाकर सर्वे करेगा कि कितना कोयला रिजर्व है तथा कौन सा केटेगरी का कोयला है.
श्री नरसिंह बांध बालाजीधाम में चारदिवसीय अनुष्ठान शुरू: बर्नपुर. श्री नरसिंह बांध बालाजीधाम में गुरूवार को राणी सत्ती दादी का संगीतमय मंगलपाठ के साथ ही चार दिवसीय कार्यक्रम की शुरूआत हुयी. जिसमें वाराणसी के संजय शास्त्री, सानिध्य पवन भाई, संतोष भाई, मुकेश अग्रवाल, प्रमोद अग्रवाल आदि उपस्थित है. मनोज सेन ने राणी सत्ती दादी का संगीतमय मंगल पाठ प्रस्तुत किया.
