दावेदारी. नगर निगम बोर्ड की बैठक में मेयर जितेन्द्र तिवारी ने किया बड़ा दावा
मेयर जितेन्द्र तिवारी ने दावा किया कि आसनसोल व बर्नपुर शहरी इलाके में नागरिक सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं का पूरी तरह से समाधान कर दिया गया है. अगले वर्ष रानीगंज, जामुड़िया, कुल्टी इसी श्रेणी में होंगे. नये साल के लिए यह संकल्प यदि मुकाम पर पहुंचे तो बड़ी बात होगी.
आसनसोल : आसनसोल में विकासमूल कार्यो एवं नागरिक परिसेवाओं के विस्तार के मुददे पर नगर निगम मुख्यालय के न्यू मिटींग रूम मूखोमूखी में नगर निगम के बोर्ड की बैठक हुई. बैठक की अध्यक्षता चेयरमैन अमरनाथ चटर्जी ने की. निगम पार्षदों ने अपने वार्डो में चल रहे विकास कार्यो का ब्यौरा देते हुए जल्द ही कार्यो को पूरा किये जाने की बात की. मेयर जितेंद्र तिवारी ने साल 2017 में बोर्ड के सफलतम संचालन में निगम पार्षदों एवं नागरिकों के सहयोग के लिए धन्यवाद प्रकट किया.
मेयर श्री तिवारी ने कहा कि आने वाले नये साल 2018 में आसनसोल नगर निगम अंतर्गत विभिन्न वार्डो की समस्याओं को पूरी तरह समाप्त कर दिया जायेगा. आसनसोल नगर निगम अंतर्गत वार्डो में नागरिक परिसेवाओं पर तेजी के साथ काम किया जा रहा है. साल 2018 में नगर निगम अंचल में कहीं भी पेयजल, सड़क, स्ट्रीट लाईट, सफाई, स्वास्थ्य आदि समस्याएं नहीं रहेंगी. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के निर्देश पर रानीगंज, जामुड़िया, कुल्टी को आसनसोल नगर निगम के साथ जिस उद्देश्य से जोड़ा गया था. वह उद्देश्य सफल रहा. नगर निगम में विकास के मुददे पर कहीं भी पक्षपात नहीं किया गया है. हर वार्ड में समान रूप से काम किया जा रहा है. नागरिक परिसेवाओं के विस्तार में कहीं भी दोहरी नीति नहीं अपनायी गयी है. प्रत्येक वार्ड में विकास के लिए 20 लाख की राशि दी गयी है. इस राशि के कार्य के पूरा किये जाने पर प्रत्येक वार्ड में बड़े कार्यो के लिए 50 लाख की राशि दी जायेगी.
इसके लिए वार्ड पार्षदों से कार्य सूची मांगी गयी है.साल 2018 में कुल्टी, रानीगंज, जामुड़िया की नागरिक समस्याओं को पूरी तरह समाप्त किया जायेगा. कुल्टी में वर्षो से चल रहे पेयजल समस्या के स्थायी समाधान के लिए चिनाकुडी दो नंबर फुटबाल मैदान में चल रही पेयजल परियोजना का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि परियोजना के पूरा होने पर कुल्टी अंचल में कहीं भी पेय जल की समस्या नहीं रहेगी. जामुड़िया से आरंभ किये गये स्मार्ट लाईट परियोजना को अगले छह माह में पूरा किये जाने का दावा करते हुए कहा कि पूरा नगर निगम क्षेत्र स्मार्ट लाईट की रोशनी से जगमगायेगा और कहीं भी अंधेरा नहीं रहेगा. उन्होंने कहा कि प्रत्येक वार्ड में सड़क पक्कीकरण का कार्य जल्द ही पूरा कर लिया जायेगा. हर वार्ड में ड्रेनों एवं नालियों के पक्कीकरन का कार्य चल रहा है.
पार्षद उमा सर्राफ ने बोर्ड की बैठक का आरंभ जन गन मन राष्ट्र गान के साथ किये जाने का प्रस्ताव दिया. उन्होंने आसनसोल शहर के पुराने भवनों को लेकर किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका जताते हुए कहा कि अगर उन पुराने भवनों को तोडने को लेकर निगम स्तर से जल्द पहल न की गयी तो बाजार अंचल में बड़े हादसे से इंकार नहीं किया जा सकता. आसनसोल बाजार स्थित 25 से ज्यादा पुराने जजर्र भवनों की सूची निगम मुख्यालय में जमा कराये जाने के बाद भी नोटिस न देने को उन भवनों में रह रहे लोगों के लिए घातक बताते हुए निगम प्रशासन को जल्द ही पहल करने की मांग की. मेयर श्री तिवारी ने जल्द ही आसनसोल बाजार के जजर्र भवनों को नोटिस भेजे जाने का आश्वासन दिया. सुश्री सर्राफ ने आसनसोल बाजार में संचालित हो रहे छोटे एवं बड़े रेस्टोरेंट के फूड लाइसेंस, अग्निशमन लाइसेंस, ट्रेड लाइसेंस की जांच करने की मांग की. कुछ रेस्टोरेंट में सफाई एवं भोजन के बनाने में नियमों की अवहेलना करने की शिकायत की.
उपमेयर तबस्सुम आरा, मेयर परिषद सदस्य लखन ठाकुर, मेयर परिषद सदस्य (शिक्षा) अंजना शर्मा, मेयर परिषद सदस्य (जल सप्लाई) पूर्णशशि राय, मेयर परिषद सदस्य (रोजगार एवं आदिवासी उन्नयन) श्याम सोरेन, मेयर परिषद सदस्य दिव्येंदू भगत, बोरो चेयरमैन दयामय राय, बोरो चेयरमैन समीत माजी, बोरो चेयरमैन बेबी बाउरी, बोरो चेयरमैन संगीता शारदा, बोरो चेयरमैन शेख शानदार, पार्षद नसीम अंसारी, पार्षद नरेंद्र मुमरू, पार्षद तापस कवि, पार्षद विवेक बनर्जी, पार्षद रिना प्रसाद, पार्षद श्रवण साव, पार्षद सीके रेश्मा रामाकृष्णन, पार्षद वशीमुल हक, पार्षद कविता यादव, पार्षद कंचन कांती तिवारी, पार्षद स्वपन बनर्जी, पार्षद आदिनाथ पूइतंडी, पार्षद नर्गिस बानो, पार्षद भरत दास आदि उपस्थित थे.
वर्ष 2018 समर्पित रानीगंज, जामुड़िया, कुल्टी के पिछड़े इलाकों को
तीन नगरपालिका के नगर निगम मेंविलय का उद्देश्य पूरा कर दिखाया बोर्ड ने
आसनसोल बाजार इलाके के पुराने भवनों को तोड़ने की पहल करने की घोषणा
हर वार्ड को बड़ी योजनाओं के लिए मिलेंगे 50 लाख, पार्षदों से मांगी गयी सूची
सुरक्षा के बजाय पुलिस के नाम पर मिलता धौंस
