तकनीक के इस युग में न किसी को है लंबा इंतजार, न बेकरारी
फेसबुक, व्हाट्स एप्प के माध्यम से समय से पहले पहुंच रहे संदेश
दुर्गापुर : क्रिसमस तथा नववर्ष जैसे शुभ मौकों पर संदेशों के आदान-प्रदान की परंपरा में ग्रीटिंग कार्ड की जगह व्हाट्सएप और फेसबुक ने ली है. आकर्षक होने के बावजूद ग्रीटिंग कार्ड का बाजार सिमट गया है.
पहले दिसंबर प्रारंभ होते ही बाजारों में ग्रिटिंग्स कार्ड की दुकानें सज जाती थीं. उन्हें खरीद कर डाक से भेजा जाता था. लेकिन अब ग्रिटिंग्स कार्ड का प्रचलन लगभग समाप्त है. बेहतर ग्रिटिंग्स कार्ड के लिए कई दुकानों के चक्कर लगाने पड़ते हैं. अब ग्रिटिंग्स के लिए कार्ड के चक्कर में न पड़ कर इंटरनेट से ग्रिटिंग्स मैसेज डाउनलोड करते हैं और फेसबुक व व्हाट्सएप के जरिए चाहने वालों को अपनी भावना से अवगत करा देते हैं. गिफ्ट आइटम बिक्रेता संजय कुमार ने कहा कि गाहे-बगाहे ही कोई ग्राहक ग्रिटिंग्स कार्ड की मांग करता है. मांग नहीं रहने के कारण अधिक कार्ड वे नहीं मंगाते.
कार्ड विक्रेता रतन साव और संजीव चंदा ने कहाकि नव वर्ष के मौके से ज्यादा वेलेंटाइन डे के मौके पर कार्ड खरीदने वाले युवकों व युवतियों की भीड़ रहती है. ग्रिटिंग्स कार्ड का फैशन लगभग समाप्त हो चुका है.कई साल से ई-कार्ड की चुनौती ङोलते आ रहे प्रिंटेड कार्ड का बाजार में बचा-खुचा बिजनेस भी सोशल मीडिया ने छीन लिया है.
संदेश बने जरिया नववर्ष की शुभकामनाएं देने के लिए
कई दिन पहले ही व्हाट्सएप के जरिये संदेश देने की होड़ शुरू हो गई है. कई लोगों ने तो नये वर्ष के आगमन से पूर्व ही शुभकामनाएं देनी शुरू कर दी है. इस वर्ष शुभकामनाएं भेजने के लिए सबसे ज्यादा मोबाइल एप्लीकेशन व्हाट्सएप का प्रयोग किया जा रहा है. व्हाट्सएप संदेश भेजने के लिए सबसे अच्छा माध्यम है. क्योंकि इसके जरिये वीडियो, फोटो, लिखित संदेश आदि आसानी से भेजा जा सकता है.
