अंडाल : बंकोला एरिया अंतर्गत मोयरा कोलियरी माइंस बंदी के कगार पर है. इसे बंदी से बचाने के लिए स्थानीय श्रमिकों एवं छोटे-बड़े दुकानदारों ने सामूहिक रूप से ईसीएल मुख्यालय, कोयला मंत्नी पीयूष गोयल, सांसद बाबुल सुप्रिय तथा महकमाशासक आदि को पत्न लिख कर गुहार लगायी है. उन्होंने आगामी 15 दिसंबर को सड़क जाम करने की भी घोषणा की है. उन्हें सोदपुर क्षेत्र की पारबेलिया कोलियरी को बंदी से बचाने के लिए हुए आंदोलन से प्रेरणा मिल रही है.
उन्होंने कहा कि मोयरा कोलियरी के आर-सात सिम में कोयले का पर्याप्त भंडार है. इससे 30 सालों तक खनन किया जा सकता है. प्रबंधन साजिश के तहत इसे बंद कर रहा है. इस बंदी को स्वीकार नहीं किया जायेगा तथा आंदोलन किया जायेगा. बंकोला एरिया महाप्रबंधक मनोज कुमार ने कहा कि मोयरा कोलियरी का उत्पादन लागत काफी अधिक है. प्रत्येक टन पर उत्पादन लागत 24,800 रु पये है. जबकि एक साल पहले प्रति टन 20,000 रु पये का घाटा था. खदान में घाटा लगातार बढ़ रहा है.
कोलियरी में फिलहाल आर-आठ में खनन चल रहा है. ऊपरी सतह पर पानी है. इसके आये की जमीन पर एयरो सिटी का हिस्सा है. डीजीएमएस ने खनन पर रोक लगा रखी है. उन्होंने कहा कि कोलियरी का प्रपोजल सोमवार तक भेजा जायेगा. प्रोजेक्ट रिपोर्ट को मंजूरी मिलने के बाद नये तरीके से इंक्लाइन का कार्य शुरू होगा तब तक 316 श्रमिकों को ट्रांसफर किया जायेगा. सिर्फ इमरजेंसी काम करने वाले को रखा जायेगा.
