दो दिवसीय अंतरक्षेत्रीय प्रतियोगिता शुरू

चुनौती. कोयला खदानों से उत्पादन करना प्रकृति के साथ होता है कठिन संघर्ष माइंस रेस्क्यू सेंटर में इसका उद्घाटन किया निदेशक (खान एवं सुरक्षा) ने पहली बार इंक्लाइन के अंदर प्रदर्शन करना होगा अपनी दक्षता का टीमों को समापन समारोह आज, इसीएल के सीएमडी सुब्रत चक्रवर्ती करेंगे सम्मानित सीतारामपुर : ईसीएल के माइन्स रेस्क्यू केंद्र […]

चुनौती. कोयला खदानों से उत्पादन करना प्रकृति के साथ होता है कठिन संघर्ष

माइंस रेस्क्यू सेंटर में इसका उद्घाटन किया निदेशक (खान एवं सुरक्षा) ने
पहली बार इंक्लाइन के अंदर प्रदर्शन करना होगा अपनी दक्षता का टीमों को
समापन समारोह आज, इसीएल के सीएमडी सुब्रत चक्रवर्ती करेंगे सम्मानित
सीतारामपुर : ईसीएल के माइन्स रेस्क्यू केंद्र (सीतारामपुर ) में मंगलवार से दोदिवसीय अंतरक्षेत्नीय प्रतियोगिता- 2017 शुरू हुयी. इसका उद्घाटन खान सुरक्षा महानिदेशालय (डीजीएमएस) पूर्वी जोन (सीतारामपुर) के निदेशक (खान एवं सुरक्षा) बी पप्पा राव ने झंड़ोत्ताेलन कर किया. प्रतियोगिता में इसीएल की दस एरिया की टीम भाग ले रही है. इसका समापन बुधवार को होगा तथा कंपनी के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक सुब्रत चक्रवर्ती विजयी टीम को पुरस्कृत करेंगे.
उद्घाटन के बाद प्रतियोगिता में भाग ले रही सभी टीमों के सदस्यों ने मार्च कर सलामी दी. समारोह में माइंस रेस्क्यू सेंटर के महाप्रवन्धक सुशांत बनर्जी, अधीक्षक अपूर्व ठाकुर, सोदपुर क्षेत्नीय महाप्रवन्धक मुकेश कुमार जोशी, धेमोमेन ग्रुप ऑफ कोलियरीज के उपमहाप्रबंधक राम अवतार राम, डीजीएमएस के उपनिदेशक एवं प्रतियोगिता जज कृष्णोन्दू मंडल, निरंजन कुमार, एन बाला सुब्रrाण्यम, के वेणुगोपाल स्वामी, एमके साहू, डॉ बी जॉन समेत कई अधिकारी उपस्थित थे.
केंद्र अधीक्षक श्री ठाकुर ने बताया कि दोदिवसीय प्रतियोगिता में ईसीएल के 10 क्षेत्नों यथा – मुगमा, श्रीपुर, पांडेश्वर, सोदपुर, सतग्राम, केन्दा, झांझरा, बंकोला, कुनुस्तोडिया व काजोड़ा की रेस्क्यू टीमों भाग ले रही हैं. दो दिवसीय प्रतियोगिता का समापन तथा पुरस्कार वितरण लमारोह बुधवार को आयोजित होगा.
उन्होंने कहा कि कोयला उत्पादन प्रकृति के खिलाफ कार्य हैं. इस कारण हमेशा दुर्घटना की संभावना बनी रहती है. सतर्कता से ही इन दुर्घटनाओं को शून्य किया जा सकता है. लेकिन दुर्घटना हो जाने के बाद खदान से श्रमिकों को सही सलामत निकालना बड़ी चुनौती होती है. कई तरह की दुर्घटनाएं हो सकती है. उनके बाद रेस्क्यू कर सही सलामत श्रमिकों को निकालने के चुनौतीपूर्ण कार्य को अंजाम देना मुश्किल होता है.
उन्होंने कहा कि इस प्रतियोगिता में इसी चुनौती की परीक्षा होनी है. उन्होंने कहा कि पहली बार किसी इंक्लाइन में सभी रेस्क्यू टीमों को अपनी दक्षता का परिचय देना होगा. स्थल रेस्क्यू करने से टीम के सदस्यों का न सिर्फ अनुभव बढ़ेगा बल्कि उनकी दक्षता भी बढ़ेगी. उन्होंने कहा कि इसी प्रदर्शन के आधार पर टीमों को पुरस्कृत किया जायेगा.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >