पूजा-उत्सव के माहौल की समाप्ति के बाद आसनसोल नगर निगम की मेयर परिषद की हुयी बैठक में सोमवार को कई महत्वपूर्ण निर्णय लिये गये. मेयर जितेन्द्र तिवारी की अध्यक्षता में परिषद सदस्यों ने नागरिक सुविधाओं के साथ ही विरासत तथा सांस्कृतिक क्षेत्र में कई सार्थक पहल पर सहमति जतायी. इनके लागू होने के बाद आसनसोल नगर निगम खासकर मुख्यालय शहर आसनसोल की सूरत ही बदल जायेगी.
आसनसोल : मेयर परिषद ने निर्णय लिया कि पश्चिम बर्दवान जिले के ऐतिहासिक विरासत को धरोहर के रूप में संभाल कर रखने और आम नागरिकों को उस विरासत से अवगत कराने के उद्देश्य से आसनसोल जिला पुस्तकालय के समीप सरकारी जमीन पर नगर निगम कार्यालय की ओर से म्यू्ज़िएम (संग्रहालय) का निर्माण किया जायेगा.
इसके साथ ही आसनसोल शहर में शैक्षणिक व सांस्कृतिक गतिविधियों में हो रही वृद्धि को देखते हुए आसनसोल शहर में रविन्द्र भवन की तर्ज पर नेशनल हाइवे दो के जुबली चौक के पास दो हजार सीट की क्षमता वाले ऑडिटोरियम बनाने का निर्णय लिया गया. इसके लिए जगह चिन्हित किया जा रहा है. साथ ही रानीगंज तथा कुल्टी में इन गतिविधियों के लिए एक-एक टाउन हॉल बनाने पर सहमति बनी.
नगर निगम के मौजूदा मुख्यालय को सीमावद्धता को देखते हुए नगर निगम मुख्यालय के लिए कन्यापुर इलाके में भवन बनाने का निर्णय लिया गया. इसके लिए एडीडीए के स्तर से जमीन का आवंटन हो चुका है.
सनद रहे कि मौजूदा मुख्यालय के पीस जमीन न होने के कारण पार्किग से लेकर भवन तक की परेशानी हो रही है. सूत्रों के अनुसार आसनसोल में सौंदर्यीकरण के लिए नगर निगम के स्तर से 20 एलईडी होर्डिंग बोर्ड लगायी जायेगी. जिसमें नगर निगम की महत्वपूर्ण सूचनाएं भी प्रदर्शित होती रहेगी. जीटी रोड पर लगनेवाले जाम से हो रही परेशानियों को दूर करने के लिए आसनसोल शहर के भीड़भाड़ इलाके में पांच फुट ओवर ब्रिज बनाये जायेंगे.
कालीपहाड़ी मोड़ पर लगाये गए वेलकम गेट की तर्ज पर नगर निगम इलाके में और पांच नये वेलकम गेट लगाये जायेंगे ताकि शहर को बेहतर लुक मिल सके. तीन नवंबर को शिक्षा मंत्री पार्थो चटर्जी ने कहा था कि आसनसोल में कोलकाता से अधिक विकास की संभावनाएं हैं. इस दिशा में मेयर परिषद के इन निर्णयों को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
बैठक में उपमेयर तबस्सुम आरा, चेयरमैन अमरनाथ चटर्जी, निगम सचिव प्रलय सरकार, अधीक्षण अभियंता सुकमल मंडल, राजस्व अधिकारी श्यामा प्रसाद मुखर्जी, मेयर परिषद सदस्य (सेनिटेशन) लखन ठाकुर, मेयर परिषद सदस्य (क्रीड़ा एवं संस्कृति) अभिजीत घटक, मेयर परिषद सदस्य (अल्पसंख्यक उन्नयन) मीर हासीम, मेयर परिषद सदस्य (रोजगार एवं आदिवासी उन्नयन) श्याम सोरेन, मेयर परिषद सदस्य (स्वास्थ्य) दिव्येंदू भगत, मेयर परिषद सदस्य (शिक्षा) अंजना शर्मा, मेयर परिषद सदस्य (जल सप्लाई) पूर्ण शशि राय आदि उपस्थित थे.
बाबुल के निर्देश पर केंद्रीय एजेंसियां कर रही असहयोग
मेयर परिषद ने कहा कि आइएसपी, रेल, इसीएल, डीवीसी आदि केंद्र सरकार की कंपनियां भी नगर निगम के क्षेत्न के दायरे में है.सीएसआर के तहत इन इलाकों के विकास कार्यों में इन कंपनियों के योगदान की अहम भूमिका है, लेकिन स्थानीय सांसद सह केंद्रीय भारी उद्योग राज्यमंत्नी बाबुल सुप्रिय के निर्देश पर यह कंपनियां अपने दायित्व का निर्वाह नहीं कर रही है. उल्टे नगर निगम के विकास कार्य मे बाधा उत्पन्न कर रही है. नगर निगम क्षेत्न में कंपनी की जमीन पर नगर निगम द्वारा किये जा रहे विकास कार्य को रोक दिया जा रहा है.
उन्होंने कहा कि कम्पनियां निगम क्षेत्न के अपने इलाके में सटीक विकास कार्य नहीं करती है तो नगर निगम उन्हें सिर्फ एक सूचना देकर अपने स्तर से जबरन वहां विकास कार्य करेगा.
दो करोड़ की डीपीआर मंजूरी के लिए भेजा
गारूई नदी की सफाई और विकास के लिए नगर निगम द्वारा तैयार दो करोड़ रु पये का डीपीआर राज्य सरकार को भेजा गया. गाडूई नदी की समय-समय पर सफाई न होने और स्थानीय नागरिकों द्वारा कचड़े को निर्दिष्ट जगह नहीं जमा करने के कारण कचड़ा इसमें जमा हो जाता है.
जिसकी भयावह परिस्थिति इस बार के बारिश में देखने को मिली. नदी की सफाई के लिए दो करोड रु पये का डीपीआर तैयार कर मंजूरी के लिए भेज दिया गया है. इसके साथ नदी को विकसित करने के लिए नगर निगम के साथ साथ आमलोगों को भी जागरूक होना होगा.
हुसैननगर का डीपीआर होगा तैयार
रानीगंज के हुसैननगर इलाके में बरसात में दिनों में हो रहे जल जमाव के स्थायी समाधान के लिए डीपीआर तैयार करने का निर्णय बैठक में लिया गया. स्थानीय लोगों की शिकायत थी कि बरसात के दिनों में यहां जल जमाव के कारण भीषण समस्याओं का सामना करना पड़ता है. समस्या के स्थायी समाधान के लिए डीपीआर तैयार करने का निर्णय लिया गया. इसकी मंजूरी के बाद इस योजना को शीघ्र लागू किया जायेगा.
100 अतिरिक्त सफाई कर्मियों की नियुक्ति
आसनसोल नगर निगम इलाके में गंदगी से फैलने वाली विमारी यथा डेंगू, मलेरिया, डायरिया आदि से बचाव और इस बीमारी को शहर में फैलने से रोकने के लिए सौ अतिरिक्त सफाई कर्मियों की नियुक्ति की जायेगी. प्रत्येक बोरो कमेटी को 10-10 सफाई कर्मियों का एक गैंग दिया जायेगा. इनकी नियुक्ति पूरे वर्ष के लिए होगी. इसके साथ ही किटनाशक रसायनों का स्प्रे तथा फौगिंग सिर्फ बरसात के समय ही नहीं, सालों भर जरूरत के आधार पर होगा.
नगर निगम शुरू करेगा निवेदिता स्कॉलरशीप
नगर निगम प्रशासन के स्तर से निवेदिता स्कॉलरशीप आरम्भ करने का निर्णय लिया गया. जिसके तहत नगर निगम के सफाई कर्मी के बच्चे यदि माध्यमिक परीक्षा में 50 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करते है तो कक्षा ग्यारह और बारह में उन्हें दो साल तक प्रतिमाह 500 रु पया निवेदिता स्कॉलरशीप के तहत आवंटित किया जायेगा. दो सौ छात्नों को यह स्कॉलरशिप दी जायेगी.
यदि छात्नों की संख्या दो सौ से अधिक हुई तो मेरिट के आधार पर दो सौ छात्नों का चयन होगा.
