प्रैक्टिकल परीक्षा का प्राप्तांक दो वर्ष तक मान्य

सीबीएसइ : 12वीं बोर्ड की परीक्षा में दोबारा शामिल होनेवाले विद्यार्थियों को दी गयी राहत केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसइ) ने इस बार रिजल्ट में सुधार (इंप्रूवमेंट) को लेकर दोबारा 12 वीं बोर्ड की परीक्षा में शामिल होनेवाले विद्यार्थियों को प्रैक्टिकल परीक्षा से राहत दी है. आसनसोल. पिछली बार की परीक्षा में जो विद्यार्थी प्रैक्टिकल […]

सीबीएसइ : 12वीं बोर्ड की परीक्षा में दोबारा शामिल होनेवाले विद्यार्थियों को दी गयी राहत
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसइ) ने इस बार रिजल्ट में सुधार (इंप्रूवमेंट) को लेकर दोबारा 12 वीं बोर्ड की परीक्षा में शामिल होनेवाले विद्यार्थियों को प्रैक्टिकल परीक्षा से राहत दी है.
आसनसोल. पिछली बार की परीक्षा में जो विद्यार्थी प्रैक्टिकल में पास थे. वे इस बार प्रैक्टिकल परीक्षा में शामिल नहीं होंगे. चाहे वे इंप्रूवमेंट के लिए परीक्षा फॉर्म भर रहे हो या पिछली बार फेल होने के कारण. पिछले वर्ष की प्रैक्टिकल परीक्षा में मिले अंक ही इस बार भी मान्य होंगे.
बोर्ड ने पिछले दिनों ही ऐसे विद्यार्थियों के लिए परीक्षा का फॉर्म भरने संबंधित अधिसूचना जारी की है. अधिसूचना में इस बात का उल्लेख किया गया है. अधिसूचना के मुताबिक, प्रैक्टिकल परीक्षा का प्राप्तांक दो वर्ष तक मान्य रहेगा. लेकिन पिछले वर्ष प्रैक्टिकल में फेल होनेवाले विद्यार्थियों को प्रैक्टिकल और थ्योरी दोनों ही परीक्षा में शामिल होना पड़ेगा. इसके साथ ही पिछली बार स्वास्थ्य कारणों से प्रैक्टिकल में उपस्थित नहीं हो पानेवाले विद्यार्थी भी प्रैक्टिकल के साथ थ्योरी परीक्षा के लिए भी आवेदन करेंगे.
इंप्रूवमेंट परीक्षा का मार्क्सशीट होगा अलग
बोर्ड की अधिसूचना के मुताबिक इंप्रूवमेंट के लिए परीक्षा में शामिल होनेवाले विद्यार्थियों को बोर्ड संबंधित विषय का अलग से मार्क्‍सशीट निर्गत करेगा. पिछली परीक्षा की तुलना में वर्ष 2018 की परीक्षा से संबंधित विषय का प्राप्तांक अधिक हो या कम, दोनों ही परिस्थितियों में अलग मार्क्‍सशीट मिलेगा.
इसके साथ ही अन्य विषयों के लिए वे पिछली परीक्षा का मार्क्‍सशीट भी उपयोग में लायेंगे. इस तरह कहीं एडमिशन से लेकर नियोजन तक के लिए वे दोनों मार्क्‍सशीट प्रस्तुत करेंगे.
पिछले वर्ष की प्रैक्टिकल परीक्षा में मिले अंक ही इस बार भी मान्य
प्राइवेट छात्रों को प्रैक्टिकल की अनुमति नहीं
परीक्षा के लिए आवेदन करनेवाले प्राइवेट विद्यार्थी फिजिक्स व केमेस्ट्री जैसे उन विषयों का चयन नहीं कर पायेंगे, जिसमें प्रैक्टिकल हो. ऐसे में उन्हें वैसे विषयों का चयन करना होगा, जिनमें प्रोजेक्ट वर्क शामिल हो. उन प्रोजेक्ट वर्क का मूल्यांकन परीक्षा केंद्राधीक्षक के द्वारा किया जायेगा.
ऑनलाइन एलओसी के बाद सुधार के लिए लगेगी फाइन
विद्यार्थियों को रजिस्ट्रेशन फॉर्म सावधानी से भरने की सलाह दी गयी है. बोर्ड के निर्देशों के अनुसार रजिस्ट्रेशन फॉर्म भरने में यदि कोई त्रुटि रह गयी और स्कूल की ओर से लिस्ट ऑफ कैंडिंडेट (एलओसी) जमा कर दिया गया तो सुधार के लिए एक हजार रूपये फाइन देना होगा. जबकि इंटरनल एसेसमेंटमार्क्‍स को हार्ड कॉपी निर्धारित तिथि के जमा करने पर 20 हजार रूपये तक फाइन देना पड़ सकता है.
28 तक करें लेट फाइन के साथ निबंधन
सीबीएसइ से संबद्ध स्कूलों में इन दिनों नौवीं व 11वीं क्लास में विद्यार्थियों की रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया चल रही है.बोर्ड के स्तर से बिना विलंब शुल्क (लेट फाइन) रजिस्ट्रेशन फॉर्म भरने की तिथि 31 अक्तूबर यानी मंगलवार तक ही निर्धारित की थी. इस दिन तक रजिस्ट्रेशन फॉर्म नहीं भरनेवाले विद्यार्थियों को विलंब शुल्क के साथ फॉर्म भरना होगा. विलंब शुल्क के साथ 28 नवंबर तक फॉर्म भरा जा सकेगा. एक से 28 नवंबर तक की तिथि को भी अलग-अलग हिस्से में बांट कर विलंब शुल्क निर्धारित किया गया है. इस बार बोर्ड ने विलंब शुल्क में भी 30 फीसदी तक की वृद्धि की है. जबकि इससे पहले विलंब शुल्क 20 फीसदी तक होता था.

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