पुरुलिया, बांकुड़ा में 40 स्थलों पर सड़क जाम

आंदोलनकारियों के प्रति नरम रुख रहा पुलिस अधिकारियों का जंगल महल के विभिन्न इलाकों में वाहनों का परिचालन ठप, बढ़ी परेशानी कई स्थलों पर छोटे वाहनों का रूट डायवर्ट आद्रा. कुर्मी जाति को एसटी के अन्तर्गत लाने समेत विभिन्न मांगों को लेकर बुधवार को आदिवासी कुर्मी समाज ने पुरुलिया में 12 घंटे सड़क जाम कर […]

आंदोलनकारियों के प्रति नरम रुख रहा पुलिस अधिकारियों का
जंगल महल के विभिन्न इलाकों में वाहनों का परिचालन ठप, बढ़ी परेशानी
कई स्थलों पर छोटे वाहनों का रूट डायवर्ट
आद्रा. कुर्मी जाति को एसटी के अन्तर्गत लाने समेत विभिन्न मांगों को लेकर बुधवार को आदिवासी कुर्मी समाज ने पुरुलिया में 12 घंटे सड़क जाम कर आंदोलन किया. कुर्मी समाज के आंदोलन के कारण जिले की यातायात व्यवस्था पूरी तरह ठप पड़ गयी. आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा. शिक्षण संस्थानों, व्यापारिक संस्थानों, सरकारी कार्यालयों में इसका साफ प्रभाव दिखा. दुर्गापूजा के ठीक पहले इस आंदोलन के कारण बाजार से खरीदार नदारद हो गये. कई स्थानों पर लोगों को स्वास्थ्य परिसेवा लेने के लिये काफी दिक्कतें हुयीं.
आदिवासी कुर्मी समाज ने परम्परागत गीत-नृत्य पेश करते हुये सड़क जाम किया. समाज के मुख्य अजीत प्रसाद महतो ने कहा कि आजादी से पहले कुर्मी जाति एसटी की श्रेणी में आती थी. लेकिन आजादी के बाद ओबीसी का दर्जा दे दिया गया. राज्य सरकार, केंद्र सरकार से इस विषय में गुहार लगायी गयी लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुयी. बाध्य होकर 12 घंटे चक्का जाम करना पड़ा.
उन्होंने कहा कि कुर्मी जाति को एसटी का दर्जा देने, कर्माली भाषा को आठवीं अनुसूचि में शामिल करने, कुर्माली लोककलाकारों को पेंशन देने, सीएनटी एक्ट लागू करने, जंगल महल की सरकारी नौकरियों में कुर्मी जाति को तव्वजों देने की मांग मुख्य रूप से की जा रही है. जल्द इन मांगों पर अमल नहीं किया गया तो बृहद आन्दोलन रोगा.
नितुरिया. आदिवासी कुर्मी समाज के 12 घंटे बंद का पुरुलिया जिला समेत नितुरिया ब्लॉक में विशेष असर रहा. हरमाडीह स्थितपुरूलिया बराकर सड़क को सुबह छह बजे से ही जाम कर दिया. वाहनो का आवागमन ठप हो गया. नितुरिया थाना पुलिस पहले से ही उपस्थित थी.
पुलिस कर्मियों के समझाने के बाद भी आंदोलन जारी रहा. ऑफिस व स्कूल जाने वाले लोगो का हुजूम लगने लगा. आंदोलनकारी सिर्फ एम्बुलेंस को ही आने-जाने दे रहे थे. आंदोलनकारी झुमुर गीत पर नृत्य कर रहे थे. पुलिस ने गढपंचकोट के रास्ते रु ट डायवर्ट कर दिया.
छोटे वाहनो का परिचालन संभव हो गया. कुर्मी समाज के नितुरिया ब्लॉक अध्यक्ष आसरी महतो ने कहा कि सुबह छह बजे से ही कर्मी 12 घंटे के पथावरोध में शामिल होने आ गये थे. समर्थको के लिए खिचड़ी की व्यवस्था की गयी थई. तीन माह पूर्व ही इस पथावरोध का घोषणा की गयी थी. पुरूलिया जिला में ही सिर्फ 35 जगह पर रास्ता अवरोध किया गया. वरिष्ठ नेता अजित प्रसाद महतो ने कहा कि आदिवासी कुर्मी समाज को अनुसूचित जाति में शामिल करने की मांग कर रही है.
बांकुड़ा. अनुसूचित जाति का दर्जा देने, कुर्मानी भाषा को आठवीं अनुसूची में शामिल करने समेत विभिन्न मांगों को लेकर आदिवासी कुर्मी समाज ने बाकुड़ा- झाड़ग्राम सड़क मार्ग पर सिमलापाल के पुखुरिया, रायपुर के सबूज बाजार, जामडांगा मोड़, खातड़ा पम्प मोड़, सारेंगा के पिरलगाड़ी मोड़ तथा छातना में पथावरोध किया. सुबह छह बजे से शाम छह बजे तक लगातार पथावरोध किया. इस कारण बाकुड़ा-झाड़ग्राम तथा बांकुड़ा-खातड़ा मार्ग पर यातायात बाधित हो गया.
नित्य यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ा. कुर्मी समाज के देवाशिष महतो, लक्ष्मण महातो एवं गौतम महातो ने कहा कि कुर्मी जाति को दुबारा एसटी का दर्जा दिये जाने की मांग पर पथावरोध किया गया.

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