मयनागुड़ी. हर साल की तरह इस बार भी 16 सितंबर से डुआर्स क्षेत्र के सारे संरक्षित वनांचल पर्यटकों के लिए खोल दिये जा रहे हैं. इनमें जलदापाड़ा और गोरूमारा नेशनल पार्क भी शामिल हैं. इस तरह से डुआर्स में पर्यटकों के आगमन का रास्ता भी सुगम हो गया. वनांचलों की शोभा का आनंद लेने के अलावा देश-विदेश के पर्यटक आदिवासी नृत्य भी बड़े चाव से देखते हैं. इन नृत्य कार्यक्रमों के जरिये आदिवासी महिलाओं को अतिरिक्त आय भी हो जाती है.
इसीलिए पर्यटन का मौसम शुरू होते ही ये आदिवासी महिलाएं नृत्य का अभ्यास शुरू कर देती हैं.धमसा-मांदर की ताल पर आदिवासी महिलाओं के पैर इन दिनों हरे-भरे जंगलों में थिरकने लगे हैं. गोरूमारा नेशनल पार्क के बीचाडांगा शुरसूति वनबस्ती की निवासी सुमित्रा पाइक, सुमन पाइक, सबिता कोरा, धीरेन कोरा, लक्खी कोरा, अनिता पाइक जैसी महिलाएं नाच-गाने में व्यस्त हैं. इस तरह के दृश्य वनांचलों में देखने को मिल रहे हैं.
