अनशनकारियों की महिला परिजन इसीएल मुख्यालय में घुसीं

विभागीय सुरक्षा कर्मियों, सीआइएसएफ कर्मियों ने निकाला उन्हें बाहर, धक्का-मुक्की सांकतोडिया. इसीएल मुख्यालय के समक्ष आमरण अनशन कर रहे पूर्व निजी सुरक्षा गार्डो के परिजन बुधवार को कार्यालय परिसर में घुस गये. महिला सुरक्षा प्रहरियों एवं सीआइएसएफ महिला जवानो ने सभी महिलाओं ने काफी मशक्कत के बाद सभी को बाहर निकाला. इस दौरान दोनों पक्षों […]

विभागीय सुरक्षा कर्मियों, सीआइएसएफ कर्मियों ने निकाला उन्हें बाहर, धक्का-मुक्की
सांकतोडिया. इसीएल मुख्यालय के समक्ष आमरण अनशन कर रहे पूर्व निजी सुरक्षा गार्डो के परिजन बुधवार को कार्यालय परिसर में घुस गये. महिला सुरक्षा प्रहरियों एवं सीआइएसएफ महिला जवानो ने सभी महिलाओं ने काफी मशक्कत के बाद सभी को बाहर निकाला. इस दौरान दोनों पक्षों में धक्का-मुक्की भी हुयी.
सनद रहे कि निजी सुरक्षा एजेंसी के साथ अनुबंध नहीं होने के कारण कंपनी में कार्यरत 2268 निजी सुरक्षा गार्ड पिछले एक जुलाई से कार्य से वंचित हैं. नये सिरे से निविदा निकाल कर अनुबंध करने तथा उन्हें नियोजित करने की मांग के समर्थन में वे कंपनी मुख्यालय के समक्ष आमरण अनशन कर रहे हैं. 16 दिन बीतने के बाद अनशनकारियों की महिला परिजनों ने सामूहिक रूप से मुख्यालय परिसर में घुसने का निर्णय लिया. गेट पर तैनात सुरक्षाकर्मी इसे समझ नहीं पाये. उनके मामूली विरोध को दरकिनार कर वे सीएमडी कार्यालय की ओर जाने लगी. तत्काल सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें रोक लिया.
सभी महिलाएं सड़क के बीच ही बैठ गयी. पहले तो उन्हें समझाने की कोशिश की गयी. बाद में उन्हें जबरन निकाला गया. इस क्रम में दोनों पक्षों में हाथापायी भी हुयी. बाद में महिलाओं ने आरोप लगाया कि उनके साथ मारपीट की गयी. सुरक्षा अधिकारियों ने मारपीट के आरोप को खारिज कर दिया.
आंदोलन का नेतृत्व कर रही यूनियन की संयुक्त सचिव सुदीप्ता पाल ने कहा कि 16 दिन के अनशन के बाद भी सार्थक पहल न होते देख अनशनकारियों की महिला परिजनों ने अपना आक्रोश दिखाया.

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