बिडम्बना. कोयला मंत्रालय का अजीब खेल, आरोपी से ही मांगा घपले का रिपोर्ट
आसनसोल : केंद्रीय सरकार के भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेन्स के नारे के उलट कोयला मंत्नालय भ्रष्टाचारियों को सरक्षण देने में जुट गया है. आरोपियों से ही घपले की रिपोर्ट की मांग किया है. मामला कोयला खान भविष्य निधि संगठन (सीएमपीएफओ) का है. प्रभारी आयुक्त अनिमेष भारती के पूर्व कार्यकाल में सीएमपीएफ के फंड इन्वेस्टमेंट में सीएमपीएफ को करीब 254 करोड़ का घाटा हुआ था. इसकी जांच विजिलेंस कर रहा है. ताजा घटनाक्र म में कोयला मंत्नालय ने श्री भारती से ही पूरे मामले की रिपोर्ट तलब की है. जानकारी के मुताबिक श्री भारती और संयुक्त आयुक्त व नागपुर में पदास्थापित यूपी कमल धनबाद पहुंच रहे है.
कोयला मंत्रालय का आदेश
कोयला मंत्नालय के डिप्टी सेक्रेटरी महेंद्र प्रताप ने 24 अगस्त को जारी आदेश में सीएमपीएफ ट्रस्टी बोर्ड की 22 फरवरी 2017 को हुई 168 वीं बैठक का हवाला देते हुए लिखा है कि इंवेस्टमेंट हुई गड़बड़ी की पूरी रिपोर्ट भेजे.
अब प्रभारी आयुक्त के नाते रिपोर्ट तो श्री भारती ही भेजेंगे. कोयला मंत्नालय के इस कदम पर सवाल खड़े हो रहे है. मंत्नालय ने अन्य कई विषय मसलन विवादित रेलटेल 74 लाख हुए भुगतान के बारे में भी रिपोर्ट तलब किया है. इस मामले में कमल पर जांच चल रही है. विभागीय जांच में कमल दोषी करार दिये जा चुके है.
