नवगठित जिला पश्चिम बर्दवान को राज्य के विकसित जिलों की सूची में शामिल करने के उद्देश्य से जिलाशासकशंशाक सेठी ने बीडीओ को ग्राम पंचायत स्तरीय विकास समीक्षा बैठक करने का निर्देश दिया है. इससे सही समीक्षा होने के साथ ही जरूरी समस्या का समाधान ऑन स्पॉट करने में मदद मिलेगी.
आसनसोल : आठ पंचायत समितियों (प्रखण्ड) और दो नगर निगम क्षेत्न को लेकर नवगठित पश्चिम बर्दवान जिला में विकास कार्य की गति को राज्य में सबसे बेहतर करने के लिए जिलाशासक शशांक सेठी ने सभी प्रखण्ड के बीडीओ को विकास कार्यों की समीक्षा बैठक प्रखण्ड कार्यालय के बजाय ग्राम पंचायत कार्यालयों में जाकर करने का निर्देश दिया. उन्होंने बताया कि सभी बीडीओ सप्ताह में दो ग्राम पंचायत कार्यालयों में जाकर वहां के विकास कार्यों का जायजा लेंगे और प्रधान, उपप्रधान, पंचायत के कर्मचारियों के साथ पंचायत कार्यालय में ही सभी कार्यों की समीक्षा करेंगे.
जिलाशासक श्री सेठी ने कहा कि इससे विकास कार्यों का सटिक रूप से मूल्यांकन और क्रि यान्वयन होगा. 31 पंचायत समिति (प्रखण्ड) को लेकर बर्दवान जिला को पूर्व बर्दवान और पश्चिम बर्दवान दो जिलों में पुनर्गठित करने का मुख्य उद्देश्य मुख्यमंत्नी ममता बनर्जी ने विकास कार्यों का सटिक रूप से निरीक्षण कर उसे अपने मुकाम तक पहुंचाने में आसानी होना बताया था. इसी उद्देश्य को पूर्ण सफल बनाने तथा आम जनता की अपेक्षाओं को सम्पूर्ण रूप से पूरा करने के प्रयास के तहत सभी बीडीओ को ग्राम पंचायत कार्यालयों में जाकर डेवलपमेंट मीटिंग करने का निर्देश दिया गया है.
महीना या दो महीने में एक बार प्रखण्ड कार्यालयों में होती है बैठक
जिलाशासक शशांक सेठी ने कहा कि नियमत: महीना या दो महीने में एक बार प्रखण्ड कार्यालयों में सभी ग्राम पंचायतों को लेकर डेवलपमेंट मीटिंग होती है. लेकिन सामान्यत: इन बैठकों में कई ग्राम पंचायत के प्रधान, उपप्रधान या कर्मचारी विभिन्न कारणों से उपस्थित नहीं हो पा रहे है.
कोई छुट्टी पर होता है, तो कोई बीमार तो कोई उस दिन इलाके से बाहर होता है. ऐसे में डेवलपमेंट मीटिंग का सार्थक परिणाम नहीं निकलता है. प्रत्येक सप्ताह में बीडीओ अपने क्षेत्न के दो ग्राम पंचायत कार्यालयों में जाकर बैठक करेंगे. इससे उस ग्राम पंचायत क्षेत्न के विकास कार्य की सटिक जानकारी बीडीओ को प्राप्त होगी. कोई समस्या होगी तो तत्काल वहां बैठे ही समस्या का समाधान कर पायेंगे.
पंचायत कार्यालय कर्मचारी भी अपने दायित्व निर्वाहन को लेकर हर समय सजग रहेंगे. प्रत्येक बीडीओ को दो पंचायत कार्यालयों में दो घंटा करके अधिकतम चार घंटा समय देना होगा. इससे ग्राम पंचायत का सारा कार्य बीडीओ की निगरानी में रहेगा और कार्यालयों में कार्य का माहौल भी बेहतर होगा. बीडीओ के कार्य का निरीक्षण महकमा शासक और अतिरिक्त जिला शासक करेंगे. इस प्रक्रि या को लेकर कार्य को आगे बढ़ाने से ही नवगठित जिला का असली उद्देश्य सफल होगा.
