जिलाशासक के समक्ष बीएमएस कर्मियों का प्रदर्शन

आसनसोल : नीति आयोग की सिफारिशों को श्रमिक विरोधी बताते हुए उसे संशोधित किये जाने की मांग पर भारतीय मजदूर संघ (आसनसोल जिला) के कार्यकर्ताओं ने कन्यापुर स्थित जिलाशासक कार्यालय के मुख्य प्रवेश द्वार के समक्ष शुक्रवार को प्रदर्शन किया. प्रदर्शन के बाद जिला सचिव सुबोध कुमार शर्मा, प्रदेश उपाध्यक्ष रवि शंकर सिंह, वरिष्ठ नेता […]

आसनसोल : नीति आयोग की सिफारिशों को श्रमिक विरोधी बताते हुए उसे संशोधित किये जाने की मांग पर भारतीय मजदूर संघ (आसनसोल जिला) के कार्यकर्ताओं ने कन्यापुर स्थित जिलाशासक कार्यालय के मुख्य प्रवेश द्वार के समक्ष शुक्रवार को प्रदर्शन किया. प्रदर्शन के बाद जिला सचिव सुबोध कुमार शर्मा, प्रदेश उपाध्यक्ष रवि शंकर सिंह, वरिष्ठ नेता जयनाथ चौबे, जिला के सहायक सचिव कमल कुमार सिंह, बर्नपुर इस्पात कर्मचारी संघ के महासचिव दीपक सिंह, जिला कोषाध्यक्ष एके मुखर्जी, विनय कुमार सिंह ने 11 सदस्यीय शिष्टमंडल के रूप में जिलाशासक कार्यालय में एडीएम (जेनरल) प्रलय राय चौधरी को मांग पत्र सौंपा. श्री चौधरी ने मांग पत्र को जिलाशासक के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अग्रेसित किये जाने का आश्वासन दिया.
संघ के पश्चिम बंगाल कार्यकारिणी सदस्य श्री चौबे ने कहा कि नीति आयोग की सिफारिशें दृष्टिहीन और नकारात्मक दृष्टिकोण से परिपूर्ण हैं. नीति आयोग की सिफारिशें श्रमिकों की वास्तव स्थिति बताने के जगह सरकार को गुमराह कर रही हैं. जिलाशासक के माध्यम से प्रधानमंत्री को मांग पत्र भेजकर नीति आयोग के मामले में हस्तक्षेप एवं संशोधन की मांग की गयी है.
इससे श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा खतरे में पड जायेगी. उन्होंने कहा कि कानपुर में बीएमएस के 18 वें त्रेवार्षिक तीन दिवसीय सम्मेलन में नीति आयोग की सिफारिशों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गयी है. नीति आयोग की सिफारिशें वास्तविकता से परे हैं. देश के किसानों, श्रमिकों, असंगठित क्षेत्र के मजदूरों की जमीनी स्तर पर वास्तविकता जाने बिना किसी प्रकार की कोई नीति नहीं बनायी गयी है. उन्होंने कहा कि इससे असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों का हनन और शोषण होगा. आयोग की सिफारिशें निजीकरण का समर्थन कर रही हैं. श्री चौबे ने कहा बीएमएस श्रमिक हितों पर राजनीति नहीं कर रही वह राष्ट्रनीति पर विश्वास करती है.
अन्य मांगों में नीति आयोग का पुनर्गठन कर श्रमिकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर के मानकों की सुविधा प्रदान करना, नीति आयोग के श्रमिक विरोधी प्रस्तावों को हटाना आदि हैं. अगर मामले को सरकार ने गंभीरता से नहीं लिया तो बीएमएस तीव्र आंदोलन को बाध्य होगी और पार्लियामेंट के समक्ष धरना, प्रदर्शन और घेराव किया जायेगा. अवसर पर सुरक्षा के उददेश्य से आसनसोल नॉर्थ थाना, जहांगीरी मोहल्ला टीओपी से भारी संख्या में पुलिस बलों की तैनाती की गयी थी.

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