सांकतोडिया. पीईएसबी साक्षात्कार में इसीएल के तकनीकी निदेशक (योजना व परियोजना) अजय कुमार सिंह को बीसीसीएल के सीएमडी के लिए चयनित किया गया है. गुरु वार को उनके कार्यालय में शुभचिंतकों के मिलने का तांता लगा रहा. मालूम हो कि पीइएसबी साक्षात्कार में अजय कुमार सिंह के साथ सीएमपीडीआईएल के तकनीकी निदेशकअसीम चटर्जी, एसइसीएल के महाप्रवन्धक आरके निगम को भी बुलाया गया था. औपचारिकताएं पूरी होने के बाद श्री सिंह के नाम की अनुशंसा की गइ. श्री सिंह ने ईसीएल में वर्ष 2001 मेयोगदान कि या था.
मुगमा क्षेत्न में लगभग चार वर्ष महाप्रवन्धक के पद पर रहे तथा मुगमा एरिया को घाटे से उबारने में अहम योगदान किया. प्रवंधन ने उनकी कार्यशैली से प्रभावित होकर सालानपुर एरिया का महाप्रवन्धक बनाया. सलानपुर एरिया की स्थिति काफी खराब थी. उस एरिया को घाटे से उबार किया. साढ़े तीन वर्ष सालानपुर में भी रह.
इसके बाद 15 सितम्बर, 2016 को ईसीएल के तकनीकी निदेशक (योजना व परियोजना) के पद पर प्रोन्नति मिली. एक साल भी नहीं बीता कि बीसीसीएल के सीएमडी के लिए चयनित कर लिए गये. उन्होंने बीटेक बनारस हिन्दू विश्व्विद्यालय से किया तथा एमटेक इंडियन स्कुल ऑफ माइंस (धनबाद) से तिया. बीसीसीएल सीएमडी चुने जाने के बाद उन्होंने बातचीत के दौरान कहा कि ईसीएल उनके लिए काभी लकी रही है. अब बीसीसीएल भी उनके लिए लकी होगी. उन्होंने कहा की बीसीसीएल संभावनाओं वाली कोयला कंपनी है. कंपनी की स्थिति ा काफी अच्छी नहीं है. बड़े पैमाने पर अग्नि प्रभावित क्षेत्न में फंसा हुआ है.
इस कोयले को बेहतर तकनीक के माध्यम से निकालना होगा. उन्होंने कहा कि उन्होंने बीसीसीएल में कभी काम नहीं किया है. ईसीएल और सीसीएल में काम कर चुके हैं. स्टेक होल्डर, यूनियन, कंपनीकर्मी तथा आसपास के लोंगो की मदद से बीसीसीएल बडी कंपनी बनेगी. भूमिगत आग प्रभावित क्षेत्न बड़ी चुनौती है. पूर्व बिधायक माणिक लाल आचार्य एवं कोयला मजदूर कांग्रेस के महामंत्नी आरके त्रिपाठी सहित अन्य अधिकारियों ने बधाई दी.
