दुर्गापुर : दुर्गापुर विधान नगर अस्पताल के प्रसूति विभाग में गुरु वार को एक महिला ने अद्भुत शिशु को जन्म दिया. शिशु का शारीरिक विकास नहीं होने के साथ-साथ वजन भी एक किलो कम होने के कारण क्रिटिकल केयर यूनिट के आइसीयू में रखा गया है. अद्भुत बच्चे के जन्म की खबर से उसे देखने लोगों की भीड़ जमा हो गई.
पानागढ़ चैनल पार निवासी दीपक भंवरी पत्नी सीमा भंवरी को गुरु वार सुबह दर्द होने पर प्रसव के लिये विधाननगर अस्पताल में भरती कराया. डॉक्टर वोमेन मुखर्जी के नेतृत्व में करीब 12:30 बजे सीमा ने नवजात शिशु को जन्म दिया. शिशु का विकास पूर्ण नहीं होने एवं उसके शरीर का विकराल अंगों को देखकर चिकित्सक भी घबड़ा गये. शिशु का वजन एक किलो दो सौ ग्राम पाया गया. हालत नाजुक देख उसे क्रिटिकल केयर यूनिट के आइसीयू में भेजा गया. वहां बच्च सुरक्षित है.
चिकित्सक वोमेन मुखर्जी ने कहा कि सात महीने में ही सीमा ने उसे जन्म दे दिया है. प्रसव पीड़ा बढ़ने पर दो जून को परिजन सीमा को इलाज के लिए अस्पताल लाये थे. उसे बर्दवान मेडिकल अस्पताल रेफर कर दिया गया. वहां इलाज के बाद उसे छुट्टी दे दी गई थी. गुरु वार सुबह उसे दुबारा प्रसव पीड़ा शुरू हो गया. परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे. वहां उसने अद्भुत बच्चे को जन्म दिया है. इस तरह का मामला बहुत ही कम देखने को मिलता है. ऐसे मामलों में शिशु का बचना भी मुश्किल रहता है. शरीर में बीमारी से लड़ने की प्रतिरोधक क्षमता न के बराबर रहती है. फिलहाल शिशु को आइसीयू में रखा गया है.
दुर्गापुर महकमा अस्पताल के अधीक्षक देवव्रत दास ने बताया कि क्रिटिकल केयर यूनिट में कृत्रिम सांस लेने के लिये मशीन लगाई गई है. माँ के गर्भ में ‘हार्लेक्विन इकथ्योसिस’नामक एक अजीब बीमारी से प्रभावित होकर शिशु ने जन्म लिया है. वर्ष 2016 में भारत के नागपुर में इस तरह का पहला केस आया था. शिशु की हालत गंभीर है. उसकी आंख नहीं है.
