पूरी तरह सफल होगी तीन दिवसीय कोयला हड़ताल

केंद्र, सीआइएल की उदासीनता के खिलाफ 19 से कोयला श्रमिक कार्य विमुक्त सीएमएस कार्यकारिणी में महासचिव आरसी सिंह ने रखी रिपोर्ट जेबीसीसीआइ की राजनीति के तहत कोयला कर्मियों की समस्याओं के प्रति उदासीनता का आरोप आसनसोल : कोलियरी मजदूर सभा (एटक) के महासचिव सह पूर्व सांसद आरसी सिंह ने कहा कि कोयला श्रमिकों के समक्ष […]

केंद्र, सीआइएल की उदासीनता के खिलाफ 19 से कोयला श्रमिक कार्य विमुक्त
सीएमएस कार्यकारिणी में महासचिव आरसी सिंह ने रखी रिपोर्ट जेबीसीसीआइ की
राजनीति के तहत कोयला कर्मियों की समस्याओं के प्रति उदासीनता का आरोप
आसनसोल : कोलियरी मजदूर सभा (एटक) के महासचिव सह पूर्व सांसद आरसी सिंह ने कहा कि कोयला श्रमिकों के समक्ष आंदोलन के अलावा और कोई विकल्प नहीं है, क्योंकि सीआइएल तथा केंद्र सरकार कोयला कर्मियों के भविष्य से खिलवाड़ कर रही है. जेबीसीसीआइ की बैठक में भी वेज तथा सीएमपीएफओ के मुद्दे पर कोई ठोस बात नहीं हुयी. वे गुरुवार को स्थानीय चेलीडांगा स्थित यूनियन के केंद्रीय कार्यालय में यूनियन की विस्तारित कार्यकारिणी की बैठक को संबोधित कर रहे थे. अध्यक्षता यूनियन अध्यक्ष प्रभात राय ने की.
श्री सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार के कार्यकाल के तीन वर्ष पूरे होने पर इसीएल ‘सबका साथ-सबका विकास’ कार्यक्रम राजमहल तथा कुनुस्तोड़िया क्षेत्र में आयोजित कर रही है. यह कार्यक्रम पूरी तरह से राजनीतिक है. कुनुस्तोड़िया में किसी मंत्री या ट्रेड यूनियन नेता को ईमंत्रित न कर भाजपा के जिलाध्यक्ष को मुख्य अतिथि बनाया गया है. यह कंपनी की राजनीतिकरण का प्रमाण है.
कोयला मंत्री ने स्वयं इस कोयलाचंल की सभा में स्वीकार किया था कि कोयला श्रमिकों को पेयजल नहीं मिलता है. इसके बाद भी सिर्फ केंद्र सरकार को खुश करने के लिए यह कार्यक्रम आयोजित हो रहा है. दूसरी ओर कोयला कर्मियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है. उनके पेंशन से जुड़ी संस्था सीएमपीएफओ का विलय इपीएफओ में किया जा रहा है.
उन्होंने कहा कि जेबीसीसीआइ की बैठक में पूर्व कोयला कर्मियों के लिए मेडी स्कीम को मंजूरी दी गयी तथा उससे संबंधित विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने की जिम्मेवारी दी गयी. पेंशन के मुद्दे पर मामूली चर्चा हुयी. लेकिन सीएमपीएफओ के विलय के मुद्दे पर प्रबंधन ने कोई टिप्पणी नहीं की. इसी तरह वेतन समझौते के मुद्दे पर भी चर्चा नहीं हुयी. उन्होंने कहा कि पिछले वेतन समझौते की अवधि एक वर्ष पहले बीत चुकी है. इसके बाद भी इस कदर की उदासीनता है. उन्होंने कहा कि इसके खिलाफ कोयला कर्मियों के पास आंदोलन ही एकमात्र हथियार है.
श्री सिंह ने कहा कि 19 जून से शुरू हो रही त्रिदिवसीय हड़ताल की पूरी तरह से सफल बनाना होगा. इसके लिए पांच कंपनियों के यूनियनों का संयुक्त सम्मेलन छह को हो चुका है. इसीएल, बीसीसीएल, सीसीएल तथा सीएमपीडीआइएल के यूनियन प्रतिनिधियों का सम्मेलन दस को रांची में होगा. उन्होंने कहा कि इसीएल में जैक के वैनर तले सभी क्षेत्रों में संयुक्त रूप से सेमिनार व सभाएं की जायेगी.
इसके साथ ही पिट तथा वर्कशॉप स्तरीय बैठकें की जायेगी. उन्होंने कहा कि इस आंदोलन में यूनियन की भागीदारी बढ़-चढ़ कर होगी. उन्होंने यूनियन के सांगठनिक मुद्दे की भी चर्चा की तथा यूनियन की मजबूती व सदस्यता पर जोर दिया.
बैठक में कार्यकारी अध्यक्ष जीएस ओझा, उपाध्यक्ष – जानकी साव, रघुवंशी सिंह, विजय मंडल, सचिव योगेन्द्र प्रसाद, गोविंद राउत, रमेश सिंह, कृपाशंकर प्रसाद, कोषाध्यक्ष – अखिलेश्वर कुमार सिंह, कार्यकारिणी सदस्य गणोश सिंह, नरेश सिंह, विजय शंकर सिंह, राजेश सिंह, श्यामल चौधरी, दिनेश कुमार, देवाशीष गांगुली, ओमप्रकाश तिवारी, प्रद्युत चक्रवर्ती, आलोक सेनगुप्ता, तापस पाल, शनिचर तुरी, राजू राम, सुदन घोष, अशोक मंडल, पंचानन मंडल, अमलेन्दू घोष तथा रीता तिवारी आदि शामिल थी.

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