शुक्रवार को उसने मालदा के पुलिस अधीक्षक और जिला अधिकारी के पास लिखित शिकायत दर्ज करायी. अपने पति एमाजुद्दीन खान, उसकी दो महिला सहयोगियों जमीली बीबी, आजलीस खातून और उत्तर प्रदेश के तस्कर गिरोह के सदस्यों समेत कुल 12 लोगों को उसने आरोपी बनाया है. पुलिस अधीक्षक अर्णव घोष ने तुरंत इस मामले की जांच शुरू करने का निर्देश दिया है.
मानिकचक ब्लॉक के भूतनी थाने के गुमानी टोला गांव निवासी नेमाजन बीबी का आरोप है कि बीते कई महीनों से उसका पति संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त है. उसने उत्तर प्रदेश के एक तस्कर गिरोह को अपने दो बेटों एमान खान (आठ) और केयाम खान (सात) को चार लाख रुपये में बेचने की योजना बनायी है. उसने एक लाख रुपये अग्रिम भी ले लिये हैं. पति एमाजुद्दीन इलाके के कुछ नाबालिग लड़कियों और शिशुओं की भी तस्करी कर चुका है. इसके अलावा वह देश विरोधी कामों में भी लगा है. नेमाजन का आरोप है कि उसने अपने घर में पति को कुछ बदमाशों के साथ देश विरोधी कामों के बारे में बातचीत करते सुना है. नेमाजन ने कहा कि अपने पति की इन हरकतों के बारे में पता चलने पर उसने इसका विरोध शुरू किया. इसके बाद गत अप्रैल महीने में उसे घर से निकाल दिया गया. दोनों बेटों को किसी तरह बचाकर वह मालदा शहर चली आयी. बाद में वह अमृति गांव स्थित अपने मायके चली गयी.
लेकिन आरोपी पति दल-बल लेकर उसके मायके पहुंच गया और दोनों बेटों को उठा ले जाने की कोशिश की. ग्रामीणों के हस्तक्षेप से किसी तरह हम लोग बच पाये. लेकिन मेरे मायके वाले बहुत गरीब हैं और आरोपी कभी भी उन्हें निशाना बना सकते हैं. इस आशंका को देखते हुए नेमाजन ने एक एनजीओ से संपर्क किया और पूरे मामले की जानकारी दी. अभी वह एक गुप्त ठिकाने पर दोनों बेटों को लेकर रह रही है. शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक से मुलाकात के लिए जाते समय नेमाजन बीबी ने बताया कि उत्तर प्रदेश से सात-आठ मानव तस्करों का एक गिरोह मालदा में उसकी खोज कर रहा है. इसके अलावा उसका पति और उसका दल-बल भी उसे खोज रहा है. डीएसपी दिलीप हाजरा ने बताया कि महिला द्वारा लगाये गये आरोप बेहद गंभीर हैं. पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गयी है. आरोपियों की तलाश की जा रही है.
