मालदा: एक आदिवासी प्रेमी जोड़े के शव जामुन के पेड़ से लटकते मिले. शुक्रवार की भोर में इस घटना ने गाजोल थाने की चाकनगर ग्राम पंचायत के कदुबाड़ी गांव में सनसनी फैला दी. कुछ ही क्षणों में पूरा गांव शोक में डूब गया. पुलिस ने बताया कि दोनों शव एक-दूसरे से लिपटे दिख रहे थे. स्थानीय लोगों ने बताया कि प्रेमी और प्रेमिक अलग-अगल आदिवासी जाति के थे.
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मृतकों का नाम अशोक उरांव (22) और डॉली हेम्ब्रम (18) है. डॉली ने स्थानीय बटताली हाइस्कूल से माध्यमिक परीक्षा दी हुई थी, जबकि अशोक मजदूरी करता था. दोनों के बीच काफी समय से प्रेम संबंध था. पर उनके परिवारों को यह रिश्ता पसंद नहीं था. पुलिस ने बताया कि शायद इसी वजह से दोनों ने दुपट्टा और गमछा का फंदा बनाकर फांसी लगा ली.
पुलिस ने बताया कि दोनों ही कदुबाड़ी गांव के ही रहनेवाले थे. उनके घर से करीब डेढ़ किलोमीटर की दूरी पर एक सुनसान बाग है. बाग में एक जामुन के पेड़ की डाल से दोनों फांसी पर लटक गये. शुक्रवार की भोर में स्थानीय लोगों ने लटके हुए शव देखे और पुलिस को खबर दी. इसके बाद पुलिस आयी और शवों को पेड़ से उतार कर पोस्टमार्टम के लिए मालदा मेडिकल कॉलेज भिजवाया.
प्राथमिक जांच में पुलिस को पता चला है कि केदुबाड़ी गांव में आदिवासी किसान अजीत उरांव का परिवार रहता है. उनके दो बेटे हैं. अशोक बड़ा बेटा था. वहीं डॉली हेम्ब्रम इसी गांव के परेश हेम्ब्रम की इकलौती बेटी थी. परेश भी आदिवासी हैं और पेशे से किसान हैं. करीब दो साल पहले अशोक और डॉटी का प्रेम-प्रसंग शुरू हुआ. लेकिन डॉली का परिवार कभी इस रिश्ते को स्वीकार कर नहीं पाया. बाद में अशोक के परिवार की ओर से भी इस रिश्ते पर आपत्ति की गयी थी. कुछ महीनों पहले अशोक और डॉली ने शादी के लिए गांव से भागने की कोशिश भी की थी. यह रिश्ता दोनों के परिवारों के बीच विवाद का कारण बन गया था, जिसे लेकर दो बार सालिशी भी हुई थी.
स्थानीय ग्रामीणों और मृतकों के दोस्तों ने पुलिस को बताया कि डॉली और अशोक के रिश्ते के बारे में पूरा गांव जानता था. लेकिन दोनों के परिवार अपनी जिद पर अड़े हुए थे. दोनों परिवारों के बीच झगड़ा-झमेला भी होता था. इसके चलते अशोक व डॉली मानसिक रूप से टूट गये और उन्होंने आत्महत्या कर ली.
