कोलकाता: लोकसभा चुनाव के लिए प्रदेश कांग्रेस में टिकट बंटवारे को लेकर विरोध के स्वर उभरने लगे हैं. इस बात का उदाहरण है कि प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अब्दुल मन्नान ने शुक्रवार को राजनीति से संन्यास लेने की घोषणा की. उनकी सिफारिश किये गये दो व्यक्तियों को टिकट नहीं दिये जाने से नाराज पार्टी नेता अब्दुल मन्नान ने कहा कि कांग्रेस के प्रति वह हमेशा से ही ईमानदार रहे हैं, लेकिन वर्षो तक पार्टी के लिए कार्य करने के बावजूद जब उनकी बात को तवज्जो नहीं दी जाये, तो राजनीति में रहना उचित नहीं है.
किसी अन्य दल में नहीं जायेंगे
उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि वह इस घटना के बाद किसी अन्य पार्टी में शामिल नहीं होंगे, लेकिन अब यहां यानी कांग्रेस में भी नहीं रहेंगे.
गौरतलब है कि श्री मन्नान बीते 50 वर्षे से कांग्रेस से जुड़े हैं. इस दौरान वह प्रदेश कांग्रेस मीडिया सेल के अध्यक्षभी रहे थे. इस बारे में रेल राज्य मंत्री व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी से बात करने की कोशिश की गयी, लेकिन वह उपलब्ध नहीं हो पाये.
क्या है नाराजगी की वजह
अब्दुल मन्नान ने कहा कि लोकसभा चुनाव के लिए हुगली सीट के लिए उन्होंने एक प्रतिष्ठित अधिवक्ता प्रतीम सिंह राय व आरामबाग सीट के लिए एक अन्य व्यक्ति को उम्मीदवार बनाये जाने की सिफारिश की थी, लेकिन उनके स्थान पर कांग्रेस के राज्य नेतृत्व ने अन्य लोगों को टिकट देने का प्रस्ताव आलाकमान को दे दिया. अब्दुल मन्नान ने कहा कि वह इस बात से आहत हैं कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी ने न तो उनसे फोन पर बात की और न ही उन्हें बताया कि उनके द्वारा प्रस्तावित लोगों को उम्मीदवार क्यों नहीं बनाया गया.
