सोशल मीडिया में खर्च पर नजर

कोलकाता: आगामी लोकसभा चुनावों में पहली बार चुनाव आयोग सोशल मीडिया में राजनीतिक दलों के खर्च की निगरानी रखेगा. पश्चिम बंगाल में सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी अमित ज्योति भट्टाचार्य ने मंगलवार को कहा कि चुनाव आयोग विकीपीडिया, फेसबुक, ट्विटर, यू ट्यूब जैसी सोशल नेटवर्किग साइटों पर निगरानी रखेगा और इन प्लेटफॉर्म पर राजनीतिक दलों के […]

कोलकाता: आगामी लोकसभा चुनावों में पहली बार चुनाव आयोग सोशल मीडिया में राजनीतिक दलों के खर्च की निगरानी रखेगा. पश्चिम बंगाल में सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी अमित ज्योति भट्टाचार्य ने मंगलवार को कहा कि चुनाव आयोग विकीपीडिया, फेसबुक, ट्विटर, यू ट्यूब जैसी सोशल नेटवर्किग साइटों पर निगरानी रखेगा और इन प्लेटफॉर्म पर राजनीतिक दलों के खर्च पर कड़ी निगरानी रखेगा.

श्री भट्टाचार्य ने मीडिया कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा : चुनाव आयोग सोशल मीडिया पर खर्च की निगरानी रखेगा. कार्यशाला में मुख्य निर्वाचन अधिकारी सुनील गुप्ता, संयुक्त सीइओ अमित राय चौधरी भी थे.

चलेगा राष्ट्रव्यापी अभियान
आगामी चुनावों में गड़बड़ी को रोकने के लिए कदमों की घोषणा करते हुए अधिकारियों ने कहा कि पेड न्यूज व चुनाव आचार संहिता उल्लंघन के खिलाफ कड़े कदम उठाये गये हैं. उन्होंने कहा कि इन कदमों और दिशा-निर्देशों के प्रति जागरूक करने के लिए राष्ट्रव्यापी अभियान चलाया गया है. श्री गुप्ता ने कहा कि चुनाव आयोग द्वारा पहली बार चुनाव के दौरान गड़बड़ी रोकने के लिए राष्ट्रव्यापी अभियान चलाया जा रहा है. खासकर मीडिया को शिक्षित किया जा रहा है, ताकि स्वच्छ ढंग से चुनाव हो सके.

संयुक्त राज्य चुनाव अधिकारी व खर्च मामले के प्रभारी अमित राय चौधरी ने कहा कि चुनाव आयोग राज्य व जिला स्तर पर मीडिया सर्टिफिकेशन व मॉनिटरिंग कमेटी का गठन करेगा, ताकि राजनीतिक पार्टियों के खर्च पर निगरानी रखी जा सके. इलेक्ट्रॉनिक व प्रिंट मीडिया में पेड न्यूज पर निगरानी रखी जा सके.

उन्होंने कहा कि मीडिया सर्टिफिकेशन से संबंधित मुद्दों पर विवाद को सुलझाने के लिए राज्य स्तर पर अपील कमेटी का गठन किया जायेगा. उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग मीडिया मॉनिटरिंग ऑपरेशन, सर्टिफिकेशन कमेटी, चुनाव आचार संहिता तथा जन प्रतिनिधि अधिनियम, 1951 का इस्तेमाल करेगा तथा चुनाव संबंधित मामले के प्रकाशन पर रोक लगायेगा. चुनाव आयोग द्वारा हाल में राज्य के पंजीकृत नौ राजनीतिक दलों के साथ इसी तरह की कार्यशाला का आयोजन किया गया था.

श्री भट्टाचार्य ने कहा कि मीडिया खुद पर नियंत्रण रखने के लिए नियम बनायें व चुनाव से संबंधित सामाचार प्रकाशित करने के समय सावधानी बरतें. उन्होंने साफ किया कि चुनाव आयोग का प्रयास रोकथाम करने का है, सजा देने का नहीं.

उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग चुनाव प्रक्रिया के दौरान समाचार पत्रों में छपी खबरों के आधार पर चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन की शिकायत खुद दायर कर सकता है और राजनीतिक दलों खिलाफ कार्रवाई कर सकता है. पेड न्यूज के संबंध में चुनाव अधिकारियों ने कहा कि राजनीतिक दलों द्वारा पेड न्यूज पर खर्च की जाने वाली अथाह राशि स्वस्थ परंपरा नहीं है. यह न तो राजनीतिक पार्टियों के लिए सही है और न ही सरकार व अर्थव्यवस्था के लिए.

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