कोलकाता: प्रदेश भाजपा की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त को पत्र लिखकर राज्य में कम से कम पांच चरणों में लोकसभा चुनाव कराने की मांग की गयी है. प्रदेश अध्यक्ष राहुल सिन्हा ने अपने इस पत्र में लिखा है कि इस वर्ष गत 25 फरवरी को हुई सर्वदलीय बैठक में अन्य राजनीतिक दलों के साथ लोकसभा चुनाव के लिए पश्चिम बंगाल में केंद्रीय बल या अन्य राज्य बल की मांग की ती ताकि पोलिंग स्टेशनों की निगरानी की जा सके.
चुनाव आयोग के अधिकारियों का मानना था कि गैर संवेदनशील इलाकों की निगरानी स्थानीय पुलिस कर सकती है लेकिन उनकी निष्पक्षता पर प्रश्न चिह्न उठता है.
हाल ही में हुए राज्य पंचायत व नगरपालिका चुनावों में इसका उदाहरण भी देखने को मिल चुका है. 2011 में हुए गत विधानसभा चुनाव में छह चरणों में मतदान कराया गया था.
राज्य के चुनावी इतिहास में पहली बार हर नागरिक मतदान कर सका था. जिस तरह से सत्ताधारी दल ने उम्मीदवारों व मतदाताओं को गत स्थानीय चुनावों में धमकाया है, वह शर्मनाक है. लोकतंत्र में विश्वास पैदा करने के लिए केंद्रीय बलों को नामांकन की तिथि से ही हर जिले में मार्च करना चाहिए. यह तभी हो सकता है जब चुनाव कम से कम पांच चरणों में हो. यदि ऐसा होता है तो आयोग की यह ईमानदाराना कोशिश जनता याद रखेगी. राज्य पुलिस को पोलिंग स्टेशनों के 200 मीटर के दायरे में आने पर मनाही होनी चाहिए.
