कोलकाता : नैहाटी के गौरीपुर से रविवार शाम से लापता छात्र ऋषभ जायसवाल (13) का क्षत-विक्षत शव शुक्रवार तड़के उसके घर में ही बस्ते में बंद मिला. घर की सीढ़ी के नीचे बस्ते को रखा गया था. तिरपाल और चादर से उसे ढंक दिया गया था. दुर्गंध फैलने पर घर के लोगों ने बस्ते को खोला, तो अंदर ऋषभ का शव पाया. सूचना मिलने पर नैहाटी थाने की पुलिस वहां पहुंची. पुलिस के पहुंचने पर स्थानीय लोग उग्र हो उठे. उन्होंने पुलिस पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया. इस दौरान स्थानीय लोगों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की भी हुई. लोगों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को रैफ उतारना पड़ा.
बताया जाता है कि शव पर तेजधार हथियार के जख्म के निशान थे. गर्दन की हड्डी टूटी हुई थी. पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है. अपराधियों ने ऋषभ की हत्या करने के बाद शव को बस्ते में लाकर उसके घर में ही सीढ़ी के नीचे लाकर कैसे रखा, यह रहस्य बना हुआ है. प्राथमिक जांच के बाद पुलिस का कहना है कि दो-तीन दिनों पहले ऋषभ की कहीं हत्या की गयी है और शव को उसके घर में लाकर रखा गया है. ऋषभ के पिता राजेश जायसवाल व पूरा परिवार शोक में डूबा है.
प्राथमिक जांच के बाद पुलिस ने हत्या में परिवार के किसी घनिष्ठ का हाथ होने की आशंका जतायी है. ऋषभ का पहले अपहरण किया गया, उसके बाद हत्या की गयी. जांच के लिए फारेंसिक विभाग ने नमूने संग्रह किये हैं. पुलिस ने घटना के सिलसिले में उसके पिता राजेश के गाड़ी चालक चंदन साव को गिरफ्तार किया है. उसके साथ नौ लोगों को पुलिस ने संदेह के आधार पर हिरासत में लिया है. पुलिस ने घर के आसपास के लोगों से बातचीत की है.
गौरतलब है कि रविवार शाम ऋषभ चाउमीन लेने के लिए घर से निकला था, जहां 40 साल की एक महिला ने उससे आकर बात की. इसके बाद से वह लापता था. ऋषभ कल्याणी सेंट्रल मॉडर्न स्कूल में सातवीं कक्षा का छात्र था. अपहरण के बाद फिरौती के लिए कोई फोन नहीं आया था.
