कोलकाता: दूध में मिलावट करनेवालों के खिलाफ राज्य सरकार ने कड़ी कार्रवाई करने का फैसला किया है. राज्य सरकार की ओर से बहुत जल्द पुराने कानून में संशोधन कर नया विधेयक पेश किया जायेगा. इसमें दूध में मिलावट करनेवालों को आजीवन कारावास की सजा का प्रावधान रहेगा. ये बातें बुधवार को राज्य के पशुपालन मंत्री स्वप्न देवनाथ ने कहीं.
गौरतलब है कि दूध उत्पादन को बढ़ाने व मिलावट की समस्या को दूर करने के लिए उन्होंने स्टेट मिल्क फेडरेशन के सदस्यों के साथ बैठक की. इसके साथ ही उन्होंने करीब 10 वर्षो से बंद स्टेट डेयरी का फिर से उदघाटन किया. करीब 10 वर्ष पहले 2004 में स्टेट डेयरी में उत्पादन बंद कर दिया गया था, लेकिन नयी सरकार सत्ता में आने के बाद इस डेयरी का पुनर्विकास कर यहां फिर से उत्पादन शुरू किया है.
यहां से रोजाना कम से कम 5000 पैकेट दूध की आपूर्ति की जायेगी. उन्होंने कहा कि राज्य में भी दूध में मिलावट की समस्या बढ़ रही है, जिसे राज्य सरकार कतई बरदाश्त नहीं करेगी. वर्तमान समय में दूध में मिलावट करनेवाले की अधिकतम सजा 10 वर्ष तक की है, जिसे अब राज्य सरकार ने आजीवन कारावास में तब्दील करने का फैसला किया है.
इस मौके पर मिल्क फेडरेशन के चेयरमैन पारस दत्ता ने भी स्वीकार किया कि राज्य में दूध में मिलावट की समस्या अब आम हो गयी है. उन्होंने कई गांवों के नाम भी गिनाये. उन्होंने कहा कि दूध में मिलावट की समस्या को रोकने के लिए फेडरेशन भी राज्य सरकार के साथ मिल कर कार्य करेगा. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि दूध उत्पादन यूनिटों में यूनियनों के आपसी मतभेद के कारण उत्पादन प्रभावित होता है, इसलिए राज्य सरकार ने सभी दुग्ध यूनियनों को एक बैनर तले लाने की योजना बनायी है.
