कोलकाता: राज्य में पंचायत चुनाव के दौरान हुई हिंसक घटनाओं को ध्यान में रखते हुए चुनाव आयोग ने लोकसभा चुनाव के दौरान कानून व्यवस्था की स्थिति पर नजर रखने के लिए विशेष पर्यवेक्षक को नियुक्त करने का फैसला किया है.
यह पर्यवेक्षक आगामी लोकसभा चुनाव के दौरान कानून व्यवस्था की स्थिति पर नजर रखेगा. साथ ही एक जागरूक पर्यवेक्षक की भी नियुक्ति होगी, जो सोशल मीडिया पर नजर रखेगा.
गौरतलब है कि 22 जनवरी को महानगर के दौरे पर आये उप चुनाव आयुक्त विनोद जुत्शी ने पंचायत चुनाव के दौरान हुई हिंसक घटनाओं पर चिंता व्यक्त की थी. उन्होंने लोकसभा चुनाव के लिए त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था तैयार करने पर भी जोर दिया था. राज्य के सभी डीएम व एसपी को राज्य के माओवादी प्रभावित इलाकों के लिए विशेष सुरक्षा व्यवस्था तैयार करने का निर्देश दिया था. उन्होंने पुलिस अधिकारियों को बांग्लादेशी घुसपैठियों की बढ़ती समस्या व केएलओ की गतिविधियों पर भी नजर रखने के लिए कहा था.
राजनीतिक दलों को आचार संहिता की दी जानकारी
लोकसभा चुनाव के मद्देनजर चुनाव आयोग ने विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ कार्यशाला का आयोजन किया. राज्य के चुनाव अधिकारी सुनील गुप्त ने बताया कि विभिन्न राजनीतिक दल के प्रतिनिधियों को चुनाव आचार संहिता के संबंध में जानकारी दी गयी. साथ ही चुनाव के दौरान पार्टी व उम्मीदवारों द्वारा खर्च की सीमा, मीडिया व पेड न्यूज, नामांकन, नामांकन पत्रों की जांच सहित अन्य मुद्दों से उन्हें अवगत कराया गया. प्रतिनिधियों को आचार संहिता से संबंधित सीडी व हैंडआउट भी दिये गये.
