तृणमूल को समर्थन: अन्ना को भाजपा ने लिखा पत्र, कहा ममता के बारे में अपनी जानकारी दुरुस्त कर लें

कोलकाता: प्रदेश भाजपा ने शुक्रवार को समाजसेवी व गांधीवादी नेता अन्ना हजारे को पत्र लिखकर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री व तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी को दिये गये समर्थन पर प्रश्न किया और उनकी सरकार की स्वच्छ छवि पर सवाल उठाये. पार्रिकर का दिया उदाहरणप्रदेश भाजपा अध्यक्ष राहुल सिन्हा ने पत्र लिख कर अन्ना हजारे […]

कोलकाता: प्रदेश भाजपा ने शुक्रवार को समाजसेवी व गांधीवादी नेता अन्ना हजारे को पत्र लिखकर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री व तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी को दिये गये समर्थन पर प्रश्न किया और उनकी सरकार की स्वच्छ छवि पर सवाल उठाये.

पार्रिकर का दिया उदाहरण
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष राहुल सिन्हा ने पत्र लिख कर अन्ना हजारे से ममता बनर्जी के संबंध में और जानकारी हासिल करने को कहा है. पत्र में श्री सिन्हा ने लिखा है : आपने राज्य की मुख्यमंत्री को समर्थन देने का फैसला किया है, क्योंकि आपके मुताबिक वह एकमात्र नेता हैं, जिन्होंने आपकी 18 मांगों का जवाब दिया है. यह सही है कि सुश्री बनर्जी ने सरकारी बंगला या कार नहीं ली है, लेकिन इसी तरह से गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पार्रिकर ने भी किया है. उन्हें क्यों नहीं समर्थन दिया गया? आपने अनशन के वक्त कहा था कि लोकपाल बिल लागू न होने तक अनशन करेंगे, लेकिन बंगाल में ही लोकायुक्त नहीं है.

माकपा की राह पर तृणमूल
पत्र में लिखा है : भ्रष्टाचार के मुद्दे पर माकपा की ही राह पर सुश्री बनर्जी चल पड़ी हैं. माकपा ने सैकड़ों चिटफंड कंपनियों को यहां जन्म दिया और तृणमूल उनकी देखभाल कर रही है. चिटफंड घोटाले में तृणमूल के एक सांसद भी गिरफ्तार हैं. ट्राइडेंट लाइट घोटाला भी उदाहरण है. राज्य में महिलाओं के खिलाफ हमले बढ़े हैं. अधिकतर दुष्कर्म के आरोपी तृणमूल कार्यकर्ता ही हैं. राज्य की कानून व्यवस्था बदहाल है. यदि आप सुश्री बनर्जी व उनकी पार्टी का समर्थन करते रहें, तो आपकी बेदाग छवि पर धब्बा लगेगा.

पत्र में लिखा है : 36 वर्ष से चिटफंडों को नियंत्रित करने के लिए राज्य में एक विधेयक पारित नहीं किया गया है, फिर चाहे वह माकपा हो या तृणमूल.

सीबीआइ जांच का विरोध कर रही है राज्य सरकार
पत्र में लिखा है : राज्य के ग्रामीण क्षेत्र के लोगों से 10,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी करनेवाले सारधा चिटफंड घोटाले ने प्रदेश को हिला दिया. राहुल सिन्हा ने कहा कि चिटफंड घोटाले से प्रभावित अन्य राज्यों जैसे असम, त्रिपुरा, बिहार और झारखंड सीबीआइ जांच पर जोर दे रहे हैं, लेकिन पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस सरकार उसका विरोध कर रही है.

पत्र में भाजपा ने इन मुद्दों को उठाया
माकपा ने दिया चिटफंड कंपनियों को जन्म, अब तृणमूल कर रही है उनका पोषण. घोटाले में तृणमूल सांसद खा रहे जेल की हवा

तृणमूल के शासन में राज्य में अपराध बढ़े हैं

ट्राइडेंट लाइट घोटाले को भी दिया उदाहरण

महिलाओं के खिलाफ राज्य में बढ़ रहे अपराध

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