आर्थिक संकट: डॉलर के मुकाबले रुपये की गिरावट जारी अनैतिक रूप से ऋण लेने का आरोप खारिज

कोलकाता: वित्त मंत्री अमित मित्र ने विरोधी दलों के आरोप को खारिज कर दिया कि राज्य सरकार सीमा से बाहर ऋण ले रही है. डॉ. मित्र ने विधानसभा में बजट पर हुई बहस का जवाब देते हुए कहा कि राज्य सरकार ने एफआरबीएम एक्ट (वित्तीय जिम्मेदारी एवं बजट प्रबंधन अधिनियम) के दायरे में ही ऋण […]

कोलकाता: वित्त मंत्री अमित मित्र ने विरोधी दलों के आरोप को खारिज कर दिया कि राज्य सरकार सीमा से बाहर ऋण ले रही है. डॉ. मित्र ने विधानसभा में बजट पर हुई बहस का जवाब देते हुए कहा कि राज्य सरकार ने एफआरबीएम एक्ट (वित्तीय जिम्मेदारी एवं बजट प्रबंधन अधिनियम) के दायरे में ही ऋण लिया है.

इसके साथ ही उन्होंने आंकड़ा पेश करते हुए कहा कि राज्य का विकास दर वाम मोरचा सरकार की तुलना में अधिक रहा है तथा कई सेक्टरों में विकास हुआ है. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की उपस्थिति में बजट व अनुपूरक बजट ध्वनिमत से पारित कर दिया गया. डॉ. मित्र ने कहा कि राज्य में केवल आर्थिक नहीं, वरन सोच के स्तर पर भी पुनर्जागरण हुआ है.

लोगों की दृष्टि बदली है. उन्होंने कहा कि मूलभूत सुविधा के क्षेत्र में 2009 में 18.11 फीसदी की दर से विकास हुआ था, जबकि 2012-13 में यह विकास दर 64.53 फीसदी रहा है. उन्होंने कहा कि इंडेक्स ऑफ इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन के मामले में खान के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर विकास की दर 3.1 फीसदी है, जबकि राज्य की विकास दर 7.6 फीसदी है. निर्माण के क्षेत्र में क्रमश: 0.6 फीसदी तथा 3 फीसदी है. बिजली के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर विकास की दर 5.4 फीसदी तथा राज्य में 22.8 फीसदी है. राष्ट्रीय स्तर पर कुल विकास दर नाकारात्मक 0.2 फीसदी रहा है, जबकि बंगाल में यह दर 6.8 फीसदी रहा है. उन्होंने कहा कि 2010-11 में ऋण जीडीपी रेसियो 39.54 फीसदी था, जो 2012-13 में बढ़ कर 33.73 फीसदी हो गया है.

राजस्व घाटा 2010-11 में 36.55 फीसदी था, जो 2012-13 में घट कर 20.23 फीसदी, वित्तीय घाटा 2010-11 में 4.12 फीसदी था, जो 2012-13 में घट कर 3.08 फीसदी रह गया है. वेतन में पूर्व सरकार 28334.37 करोड़ रुपये खर्च करती थी,लेकिन 2013-14 में 30321 करोड़ खर्च किया है. इस वर्ष 33625 करोड़ प्रस्तावित किया गया है. उन्होंने कहा कि राज्य बजट में कर्मतीर्थ तथा गतिधारा परियोजना शुरू करने का प्रस्ताव रखा गया. राज्य में स्व रोजगार, स्व सहायता समूह, किसान, ग्रामीण कलाकारों की बड़ी संख्या हैं, लेकिन इनके उत्पादों की बिक्री के लिए कोई संगठित बाजार नहीं है. राज्य सरकार ने 500 कर्मतीर्थ बनाने का प्रस्ताव रखा है. इसमें 500 करोड़ रुपये की लागत आयेगी तथा इससे एक लाख परिवारों को रोजगार मिलेगा. इसके साथ ही गतिधारा परियोजना शुरू करने का प्रस्ताव है. इस परियोजना के तहत अगले वित्त वर्ष के दौरान 50 हजार परिवारों को रोजगार मिलेगा. राज्य सरकार बेरोजगार युवकों को गाड़ी खरीदने के लिए एक लाख रुपये का प्रस्ताव देगी. राज्य सरकार ने इस मद में 100 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित किया है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >