गहरी नींद में सो रहे बच्चे की दबकर मौत

बांकुड़ा : जिले के बरजोड़ा थाना अंतर्गत मुक्ता तोड़ ग्राम में शनिवार की रात आठ हाथियों के झुंड के उपद्रव से सात वर्षीय बच्चे की मौत के साथ ही चार लोग गंभीर रूप से जख्मी हो गये. इनमें तीन को बांकुड़ा मेडिकल कॉलेज में भरती कराया गया है जबकि एक का इलाज स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र […]

बांकुड़ा : जिले के बरजोड़ा थाना अंतर्गत मुक्ता तोड़ ग्राम में शनिवार की रात आठ हाथियों के झुंड के उपद्रव से सात वर्षीय बच्चे की मौत के साथ ही चार लोग गंभीर रूप से जख्मी हो गये. इनमें तीन को बांकुड़ा मेडिकल कॉलेज में भरती कराया गया है जबकि एक का इलाज स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र में चल रहा है.

घटना के बाद उत्तेजित ग्रामीणों ने काफी देर तक बांकुड़ा-दुर्गापुर राजमार्ग पर यातायात ठप कर प्रदर्शन किया. जानकारी मिलने के बाद डीएफओ सुधीर चंद्र दास ने आश्वासन दिया कि मृतक के परिजन को सरकारी नियमानुसार मुआवजा दिया जायेगा, साथ ही हाथियों के उत्पात को रोकने की उचित व्यवस्था की जायेगी.

ग्रामीणों ने बताया कि शनिवार की रात जब मुक्तातोड़ा गांव के लोग गहरी नींद में सो रहे थे, उसी दौरान आठ हाथियों का एक दल गांव में घुस गया और घरों में तोड़फोड़ करने लगा. दल ने शंकर लोहरा के घर को पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया. इसमें दबकर उनके सात वर्ष के पुत्र आशीष लोहरा की मौत हो गयी. शंकर उनकी पत्नी पूर्णिमा लोहरा, बेटी लक्ष्मी लोहरा व एक अन्य आकाश लोहरा गंभीर रूप से जख्मी हो गये.

शंकर लोहरा को स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र व अन्य को बांकुड़ा मेडिकल कॉलेज में भरती कराया गया. घटना से नाराज स्थानीय लोगों ने दुर्गापुर-बांकुड़ा राज मार्ग को पूरी तरह बंद कर दिया. लोगों का कहना था कि आये दिन ऐसी घटनाएं जिले के विभिन्न क्षेत्रों में होती रहती हैं. वन विभाग के अधिकारियों को बार-बार जानकारी देने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की जाती है. घटना की जानकारी पा कर पहुंचे डीएफओ श्री दास ने बातया कि विभाग की ओर से हाथियों को खदेड़ने की व्यवस्था की जा रही है.

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