कोलकाता: बस मालिक संगठन के कुछ लोगों ने राज्य सरकार से डीजल कीमत के अनुसार किराया बढ़ाने-घटाने का प्रस्ताव दिया है. ज्वायंट काउंसिल ऑफ बस सिंडिकेट के संयुक्त सचिव तपन बनर्जी ने कहा कि उनकी ओर से राज्य सरकार के समक्ष नया प्रस्ताव रखा गया है, जिसमें डीजल कीमत के अनुसार भाड़ा तय करने की बात कही गयी है. जब डीजल कीमत में बढ़ोतरी हो तो उस समय भाड़ा बढ़ा दिया जाये और कीमत कम होने पर भाड़ा घटा दिया जाये. इस संबंध में बंगाल बस सिंडिकेट के उपाध्यक्ष दीपक सरकार ने कहा कि सबसे पहले वर्तमान समय में डीजल कीमत में हुई बढ़ोतरी के अनुसार किराया बढ़ाया जाये, ताकि वर्तमान कीमत के अनुसार बस किराया में सामंजस्य स्थापित किया जा सके.
उनके इस प्रस्ताव को राज्य के परिवहन मंत्री मदन मित्र ने सिरे से खारिज कर दिया. परिवहन मंत्री ने कहा कि डीजल कीमत बढ़ने पर बस किराया तो मालिक बढ़ा देंगे, लेकिन कीमत कम होने पर किराये कम कराने की जिम्मेदारी कौन लेगा.
उन्होंने फिलहाल सभी बस मालिक संगठनों को किराया बढ़ाने के संबंध में धैर्य रखने की अपील की. उन्होंने कहा कि कालीपूजा के बाद बस किराया बढ़ाने को लेकर राज्य सरकार बस मालिकों के साथ बैठक करेगी. वहीं, बस मालिक संगठनों ने भी स्पष्ट कर दिया है कि अगर इस बार उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया तो कालीपूजा के बाद से राज्य के सभी निजी बस व मिनी बस मालिक हड़ताल पर चले जायेंगे.
