कोलकाता: पश्चिम बंगाल के पांच जिलों में पैदा हुई बाढ़ की स्थिति पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने झारखंड सरकार व दामोदर घाटी निगम (डीवीसी) को कटघरे में लिया है. उन्होंने आरोप लगाया है कि यह बाढ़ प्राकृतिक कारणों से नहीं, बल्कि मानव निर्मित है और बंगाल सरकार को सूचित किये बगैर ही झारखंड सरकार व डीवीसी ने पानी छोड़ा है.
सुश्री बनर्जी के आरोपों को प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष प्रदीप भट्टाचार्य ने बेबुनियाद बताते हुए राज्य सरकार की भूमिका पर सवाल उठाये हैं. उन्होंने कहा कि इस मसले पर उनकी डीवीसी अधिकारियों से बात हुई थी. अधिकारियों का कहना है कि नदी का पानी सही प्रक्रिया के तहत ही छोड़ा गया है. इसके लिए राज्य सरकार के संबंधित विभागों व अधिकारियों को पहले से सूचित किया गया था.
राहत कार्य में लापरवाही का आरोप
श्री भट्टाचार्य ने आरोप लगाया कि बाढ़ की स्थिति से निबटने के लिए पहले से ममता बनर्जी नेतृत्व वाली तृणमूल सरकार तैयार नहीं थी. अगर होती तो बाढ़ प्रभावित जिलों में लोगों की मौतें नहीं होतीं. बाढ़ग्रस्त इलाकों में राहत कार्यो में भी लापरवाही की बात सामने आयी है. ध्यान रहे कि बाढ़ से पश्चिम मेदिनीपुर, पूर्व मेदिनीपुर, पुरुलिया, हावड़ा और हुगली के इलाके प्रभावित हैं.
किराया वृद्धि रेल मंत्रलय की मजबूरी
मेट्रो रेल की संभावित किराया वृद्धि के मसले पर प्रदेश कांग्रेस का कहना है कि जनहित के लिए वे भी ऐसा नहीं चाहते कि किराये में बढ़ोतरी हो. बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने व संसाधनों की पूर्ति के कारण किराया वृद्धि रेल मंत्रलय की मजबूरी है.
