फैलिन से राज्य में मछली आयात ठप

हावड़ा: अष्टमी की रात ओड़िशा व आंध्रप्रदेश में आये समुद्री चक्रवाती तूफान फैलिन से समुद्री मछली के आयात पर बुरा असर पड़ा है. हावड़ा मछली बाजार के व्यवसायियों के अनुसार, फैलिन के चलते तीन दिनों से समुद्री मछली का आयात पूरी तरह ठप है, जिससे व्यवसायियों को काफी नुकसान सहना पड़ा रहा है. दूसरी तरफ, […]

हावड़ा: अष्टमी की रात ओड़िशा व आंध्रप्रदेश में आये समुद्री चक्रवाती तूफान फैलिन से समुद्री मछली के आयात पर बुरा असर पड़ा है. हावड़ा मछली बाजार के व्यवसायियों के अनुसार, फैलिन के चलते तीन दिनों से समुद्री मछली का आयात पूरी तरह ठप है, जिससे व्यवसायियों को काफी नुकसान सहना पड़ा रहा है.

दूसरी तरफ, समुद्री मछली का आयात ठप होने से खुदरा बाजारों में मीठे पानी (गंगा, तालाब) की मछलियों का दाम आसमान छू रहा है. हावड़ा मछली बाजार राज्य का दूसरा बड़ा मछली बाजार है. यहां दूसरे राज्यों से अलग-अलग किस्म की समुद्री मछलियां पहुंचती हैं.

फैलिन के चलते पिछले तीन दिनों से यहां समुद्री मछलियां नहीं पहुंच रही हैं. व्यवसायियों ने बताया कि सिर्फ ओड़िशा से रोजाना 100 मिट्रिक टन से अधिक मछली का आयात होता था, जो कि अभी पूरी तरह ठप है. मालूम रहे कि बंगाल में समुद्री मछली भेटकी, चिगड़ी, कैटल, रिबन फिश, हिलसा, भोला, पांपलेट आदि मछलियों की यहां काफी मांग है. बाजारों में ये मछलियां उपलब्ध नहीं होने से मीठे पानी की मछलियों (रोहू, कतला) की मांग बढ़ी है, जिससे इन मछलियों की कीमतों में भी भारी उछाल आया है. खुदरा बाजारों में जहां रोहू व कतला की कीमत 160-200 रुपये प्रति किलो थी, वहीं अब 260-300 रुपये किलो ये मछलियां बेची जा रही हैं.

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