पैरों में पहनायीं बेड़ियां , सरकार दे मुआवजा

कोलकाता: कलकत्ता हाइकोर्ट ने एक युवक के पैरों में बेड़ियां पहनाने पर राज्य सरकार को 15 हजार रुपये मुआवजा देने के लिए कहा है. कलकत्ता हाइकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश अरुण मिश्र व न्यायाधीश जयमाल्य बागची की खंडपीठ ने यह निर्देश दिया है. उल्लेखनीय है कि उत्तर बंगाल मेडिकल कॉलेज में एसएफआइ नेता संतोष साहनी को […]

कोलकाता: कलकत्ता हाइकोर्ट ने एक युवक के पैरों में बेड़ियां पहनाने पर राज्य सरकार को 15 हजार रुपये मुआवजा देने के लिए कहा है. कलकत्ता हाइकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश अरुण मिश्र व न्यायाधीश जयमाल्य बागची की खंडपीठ ने यह निर्देश दिया है. उल्लेखनीय है कि उत्तर बंगाल मेडिकल कॉलेज में एसएफआइ नेता संतोष साहनी को 16 अप्रैल से 40 घंटे तक पैरों में बेड़ियां डाल कर रखा गया था. संतोष को पुलिस ने 10 अप्रैल को कानून भंग आंदोलन के बाद गिरफ्तार किया था. जेल हिरासत में तबीयत खराब होने पर उसे अस्पताल में भरती कराया गया था.

अस्पताल से वह भाग न जाये, इसके लिए उसके पैरों में बेड़ियां लगायी गयी थीं. सोमेन विश्वास ने इस पर कलकत्ता हाइकोर्ट में पीआइएल दायर की. अदालत ने संतोष साहनी को 15 हजार रुपये मुआवजे के तौर पर देने के लिए राज्य सरकार को निर्देश दिया है. साथ ही यह भी कहा है कि राज्य सरकार चाहे, तो ये रुपये दोषी पुलिसवालों के वेतन से काट सकती है. अदालत की ओर से यह भी निर्देश दिया गया है कि राज्य में किसी भी कैदी को बेड़ियां नहीं पहनायी जा सकतीं.

बेड़ियां पहनाने के लिए मजिस्ट्रेट से विशेष अनुमति लेनी होगी. केवल गिरफ्तारी के वक्त कमर में रस्सी बांधी जा सकती है. अस्पताल या जेल में बेड़ियां नहीं पहनाने का निर्देश दिया गया है. अदालत ने साफ किया है कि यह निर्देश सभी को मानना होगा. नहीं मानने पर यह अदालत की अवमानना समझी जायेगी. अदालत ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि इस फैसले को सकरुलर के तौर पर विभिन्न भाषाओं में अनुवाद करा कर विभिन्न विभागों व कार्यालयों में भेजा जाये.

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