कोलकाता: कलकत्ता उच्च न्यायालय ने भाजपा को निर्देश दिया कि वह 30 नवंबर को होनेवाली पार्टी अध्यक्ष अमित शाह की रैली के लिए कोलकाता पुलिस की अनुमति लेने से पहले दमकल सेवा विभाग और कोलकाता नगर निगम के समक्ष आवेदन करे. न्यायाधीश देवांशु बसाक ने यह निर्देश दिया है.
भाजपा की ओर से हाइकोर्ट में दायर इस याचिका में दावा किया गया है कि अनुमति देने में पुलिस अधिकारी उसके साथ भेदभाव कर रहे हैं. उन्होंने पार्टी से कहा कि दमकल विभाग और केएमसी के समक्ष मंगलवार को ही आवेदन करें. अदालत ने दमकल सेवा विभाग व केएमसी को 27 नवंबर तक भाजपा को उचित कारणों के साथ सूचित करने का निर्देश दिया कि अनुमति दी गयी या नहीं. अगर अनुमति दी गयी, तो भाजपा को सभा करने के लिए आवश्यक अनुमति के लिए कोलकाता पुलिस के आयुक्त के समक्ष आवेदन करना होगा. पुलिस को निर्देश दिया गया कि वह आवेदन पर कानून के अनुसार कार्रवाई करे.
भाजपा ने इससे पहले उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाकर दावा किया था कि कोलकाता पुलिस ने उसे रैली के लिए अनुमति देने से इनकार कर दिया है. इसके बाद अदालत ने पुलिस आयुक्त को निर्देश दिया था कि वह राज्य भाजपा नेतृत्व के साथ बैठक करके अदालत को इसके नतीजे के बारे में सूचित करे. आयुक्त ने अदालत से कहा था कि भाजपा ने पुलिस से अनुमति मांगने से पहले दमकल सेवा और केएमसी की अनुमति लेने के मानदंडों का पालन नहीं किया था. कोलकाता नगर निगम व दमकल की ओर से भी कहा गया था कि भाजपा ने सादे कागज पर आवेदन किया था. इसके लिए उपयुक्त फॉर्म में आवेदन करना पड़ता है.
