सारधा घोटाला: असम के दो कांग्रेसी विधायकों के परिसरों पर सीबीआई के छापे

नयी दिल्‍ली: मशहूर सारधा चिटफंड घोटाले में कथित तौर पर लिप्त रहने के लिए असम में कांग्रेस के दो विधायक आज सीबीआई जांच के दायरे में आए. इनमें से एक विधायक ने मुख्यमंत्री तरण गोगोई को बेदखल करने के लिए अभियान चलाया था, जबकि दूसरे विधायक को गोगोई का करीबी माना जाता है. सूत्रों ने […]

नयी दिल्‍ली: मशहूर सारधा चिटफंड घोटाले में कथित तौर पर लिप्त रहने के लिए असम में कांग्रेस के दो विधायक आज सीबीआई जांच के दायरे में आए. इनमें से एक विधायक ने मुख्यमंत्री तरण गोगोई को बेदखल करने के लिए अभियान चलाया था, जबकि दूसरे विधायक को गोगोई का करीबी माना जाता है.

सूत्रों ने कहा कि एक समन्वित कार्रवाई में सीबीआई ने राज्य में 14 स्थानों पर छापेमारी की कार्रवाई की जिसमें पूर्व स्वास्थ्य मंत्री हिमांता बिस्व शर्मा और पूर्व परिवहन मंत्री अंजन दत्ता के परिसरों की भी तलाशी ली गई. शर्मा 2001 से तरुण गोगोई के मंत्रिमंडल में ताकतवर मंत्री रहे, लेकिन गोगोई को हराने के लिए एक अभियान चलाने के बाद उन्हें मंत्रिमंडल में जगह नहीं दी गई. दत्ता को गोगोई का खासमखास माना जाता है और वह परिवहन जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालय संभाल चुके हैं.

आज छापेमारी की कार्रवाई में जिन लोगों के परिसरों की तलाशी ली गई उनमें शर्मा, दत्ता, असम के पूर्व डीपीपी शंकर बरुवा और गायक सदानंद गोगोई व ब्रह्मपुत्र जंगल रिजार्ट के प्रवर्तक त्रिदिब शर्मा शामिल हैं. घोटाले के संबंध में असम में 14 स्थानों, कोलकाता में सात और मुंबई में एक स्थान पर छापे मारे गए. कोलकाता में बापी करीम, उद्योगपति सज्जन और संधीर अग्रवाल और पूर्व आईपीएस अधिकारी देबेन बिस्वास व एक अन्य आसिफ के परिसरों पर छापे मारे गए. करीम एक मंत्री का निजी सहायक रह चुका है.

सारधा समूह के खिलाफ चार एफआईआर दर्ज किए गए हैं जिसमें आरोप लगाया गया है कि कंपनी के अधिकारियों व उससे जुडे लोगों द्वारा हजारों निवेशकों के साथ धोखाधडी की गयी है. इसके अलावा, ओडिशा में पोंजी कंपनियों के खिलाफ 44 एफआईआर दर्ज हैं.

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