रिमांड अवधि में हथियारों की बरामदगी को लेकर नया मामला कांड संख्या 46/2020 दर्ज, जमानत याचिका खारिज.
हीरापुर पुलिस को कांड संख्या 346/17 और 350/17 में पुलिस को थी तलाश, भगोड़ा घोषित और मोस्ट वांटेड की सूची में था शामिल.
346/17 राणा बनर्जी हत्याकांड में सात दिनों की पुलिस रिमांड में फूफा की निशानदेही पर बरामद हुआ पिस्टल, पाइपगन और कारतूस.
आसनसोल : पुलिस कमिश्नरेट के मोस्ट वांटेड की सूची में शामिल इलाके के कुख्यात रीतेन बसाक ऊर्फ फूफा के सात दिनों की पुलिस रिमांड के दौरान उसकी निशानदेही पर बरामद हथियारों को लेकर उसपर नया मामला हीरापुर थाना कांड संख्या 46/2020 में 25 आर्म्स एक्ट दर्ज हुआ.
कांड संख्या 346/2017 राणा बनर्जी हत्याकांड में बुधवार को पुलिस रिमांड से अदालत में पेश होने के बाद हथियारों से जुड़ा मामला हीरापुर थाना कांड संख्या 350/2017 के जांच अधिकारी रघुनाथ सांतरा की पुलिस रिमांड की पूर्व अपील पर सुनवाई करते हुए अदालत ने पांच दिनों की रिमांड मंजूर की. कांड संख्या 346/17 और कांड संख्या 46/2020 में उसकी जमानत खारिज हो गयी. दोनों ही मामलों में अगली पेशी 26 फरवरी को करने का निर्देश अदालत ने दिया.
सनद रहे ही कैटरिंग व्यवसायी राणा बनर्जी हत्याकांड में कलकत्ता उच्च न्यायालय के निर्देश पर फूफा ने पांच फरवरी को जिला अदालत में सरेंडर किया था. कांड के जांच अधिकारी सरोज पति ने हथियारों की बरामदगी और हत्याकांड से जुड़े अन्य सबूत जुटाने का हवाला देकर 14 दिनों की पुलिस रिमांड की अपील की थी.
हथियारों की बरामदगी का हवाला देकर कांड संख्या 350/17 के जांच अधिकारी श्री सांतरा ने भी 14 दिनों की पुलिस रिमांड की मांग की थी. अदालत ने हत्याकांड में सात दिन की रिमांड मंजूर की. 350/17 मामले में रिमांड की अपील को सुनवाई के लिए लंबित रख दिया था. जिसपर बुधवार को सुनवाई हुई और पांच दिन की रिमांड मंजूर हुई.
रिमांड अवधि में बरामद हुआ हथियार
सात दिन की रिमांड अवधि में फूफा की निशानदेही पर पुलिस ने यंग मेंस क्लब राधानगर बर्नपुर के पीछे इसको के परित्यक्त आवास जो फूफा के कब्जे में था, वहां से एक पिस्टल और चार राउंड कारतूस बरामद किया. जिसे कांड संख्या 346/17 में दिखाया गया. यहीं से एक पाइपगन, आठ राउंड कारतूस, एक पिस्टल और तीन राउंड कारतूस भी बरामद हुआ. जिसे लेकर अवर निरीक्षक सरोज पति की शिकायत पर नया मामला हीरापुर थाना कांड संख्या 46/2020 दर्ज हुआ. जिसमें उसकी जमानत खारिज हो गयी.
कैसे हुआ फूफा का सरेंडर
कलकत्ता उच्च न्यायालय में हीरापुर थाना कांड संख्या 346/17 राणा बनर्जी हत्याकांड में आरोपी फूफा ने जमानत के लिए अपील की थी, 10 जनवरी को मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने चार सप्ताह के अंदर निचली अदालत में सरेंडर करने का आदेश दिया था. आदेश का पालन करते हुए फूफा ने समय सीमा के अंतिम दिन से पहले ही पांच फरवरी को सरेंडर कर दिया. हीरापुर थाना पुलिस को कांड संख्या 346/17 और कांड संख्या 350/17 हथियारों का जखीरा पकड़े जाने दो मामले में आरोपी फूफा की तलाश थी.
सरेंडर होते ही कांड संख्या 346 के जांच अधिकारी अवर निरीक्षक सरोज पति और कांड संख्या 350 के जांच अधिकारी रघुनाथ सांतरा ने हथियारों की बरामदगी का हवाला देकर अलग-अलग 14 दिनों की पुलिस रिमांड की अपील अदालत में की. दोनों ही पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सीजेएम ने कांड संख्या 346 पर सात दिनों की रिमांड मंजूर की. कांड संख्या 350 में जमानत की अर्जी नामंजूर कर दिया.
क्या था मामला?
17 नवम्बर 2017 को हीरापुर थाना क्षेत्र के रिवरसाइड टाउनशिप अंतर्गत गोलपार्क कॉलोनी के सात नम्बर रोड में आईएसपी आवास में रहने वाले केटरिंग व्यवसायी राणा बनर्जी की गोली मारकर हत्या की गई थी. मृतक के पिता दीनबंधु बनर्जी की शिकायत पर हीरापुर थाना कांड संख्या 346/2017 दर्ज हुआ.
जिसमें आईपीसी की धारा 302/201/326/307/34/120 बी तथा 25/27 आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज हुआ. पुलिस कांड से जुड़े पांच आरोपी मिल्टन सेन, सागर सेन, अजय हाड़ी, सुभाष मण्डल और बबलू बनर्जी को गिरफ्तार किया. मिल्टन ने पुलिस को बताया कि बबलू के पास से हथियार लेकर फूफा के कहने पर कांड को अंजाम दिया गया था.
कांड में फूफा को भी आरोपी बनाया गया. पुलिस रिमांड में बबलू की निशानदेही पर ठाकुरबाड़ी स्थित उसके आवास से हथियार और कारतूस का जखीरा बरामद हुआ. जिसमें कांड में उपयोग किया गया हथियार भी शामिल था. पुलिस ने हथियारों की बरामदगी को लेकर हीरापुर थाना कांड संख्या 350/2017 दर्ज किया. जिसमें 25(1बी),(ए)/ 27/35 आर्म्स एक्ट के तहत मामला हुआ.
पुलिस रिमांड में आरोपी बबलू ने पुलिस को बताया कि वह सिर्फ हथियारों का सप्लाई करता था. यह सारे हथियार फूफा के हैं. जिसके आधार पर फूफा को भी आरोपी बनाया गया. इन दोनों मामलों में इलाके के दबंग कृष्णेन्दू मुखर्जी की संलिप्तता पाए जाने पर पुलिस ने उसे भी दोनों मामलों में आरोपी बनाया.
