कलकत्ता उच्च न्यायालय ने फूफा को चार सप्ताह के अंदर सरेंडर करने का दिया आदेश
हीरापुर थाना कांड संख्या 346/17 और 350/17 में पुलिस को है तलाश
कमिश्नरेट पुलिस फूफा को भगोड़ा घोषित कर चुकी है, घर की कुर्की भी हो चुकी है
आठ फरवरी को कर सकता है सरेंडर, कृष्णेन्दू ने भी आठ फरवरी को किया था सरेंडर
आसनसोल : पुलिस कमिश्नरेट के मोस्ट वांटेड की सूची में शामिल इलाके के कुख्यात रीतेन बसाक ऊर्फ फूफा को कलकत्ता उच्च न्यायालय ने चार सप्ताह के अंदर आसनसोल जिला अदालत में आत्मसमर्पण करने का आदेश दिया. जिसकी समय सीमा आठ फरवरी 2020 को समाप्त होगी. फूफा ने हीरापुर कांड संख्या 346/2017, राणा बनर्जी हत्याकांड और 350/2017, हथियारों का जखीरा पकड़े जाने के मामले में उच्च न्यायालय में जमानत के लिए 10 जनवरी 2020 को अपील की थी.
जिसपर सुनवाई करते हुए आदलत ने चार सप्ताह के अंदर उसे आसनसोल जिला अदालत में आत्मसमर्पण करने का आदेश दिया. आदलत के आदेश पर यदि वह आत्मसमर्पण नहीं करता है तो उच्च न्यायालय में उसके लिए जमानत के सारे रास्ते बंद हो जाएंगे और वह इन मामलों में जमानत के लिए अपील नहीं करइसलिए फूफा के लिए आत्मसमपर्ण ही शेष रास्ता बच गया है. इससे पूर्व इन्हीं मामलों में सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर कृष्णेन्दू मुखर्जी ने भी आसनसोल आदलत में आत्मसमर्पण किया था. बाद में उसे जमानत मिल गयी और अदालत के आदेश पर वह जिले के बाहर है.
