20 से तीन दिनों की बस हड़ताल

कोलकाता: बस किराये में वृद्धि को लेकर राज्य सरकार व मालिकों में फिर ठन गयी है. बस किराये में वृद्धि का कोई आश्वासन नहीं मिलने के बाद मालिकों ने 20 से 22 अगस्त तक तीन दिवसीय बस हड़ताल का आह्वान किया है. बुधवार को बस मालिकों के छह संगठनों ने बैठक की. सभी संगठनों ने […]

कोलकाता: बस किराये में वृद्धि को लेकर राज्य सरकार व मालिकों में फिर ठन गयी है. बस किराये में वृद्धि का कोई आश्वासन नहीं मिलने के बाद मालिकों ने 20 से 22 अगस्त तक तीन दिवसीय बस हड़ताल का आह्वान किया है. बुधवार को बस मालिकों के छह संगठनों ने बैठक की. सभी संगठनों ने हड़ताल का समर्थन किया.

काफी इंतजार के बाद फैसला
बस मालिकों का कहना है कि उन्होंने किराये के संबंध में राज्य सरकार को सोचने के लिए काफी समय दिया था, लेकिन सरकार द्वारा कोई आश्वासन नहीं मिलने के कारण उन्हें अंतत: हड़ताल पर जाना पड़ रहा है.

छह संगठनों की हैं 40 हजार बसें
इन छह बस मालिक संगठन के तहत करीब 40 हजार बसे हैं. अगर हड़ताल हुई, तो आम लोग काफी परेशान होंगे. गौरतलब है कि बस किराया तय करने के लिए राज्य सरकार ने सर्वदलीय कमेटी गठित की है. कमेटी कई बैठक भी कर चुकी है. लेकिन अब तक कोई नतीजा नहीं निकला. अब बस मालिकों ने भी साफ कर दिया कि उन्हें इस सर्वदलीय कमेटी पर विश्वास नहीं है. यह भी साफ कर दिया कि वह राज्य सरकार से बातचीत करने के लिए तैयार हैं, लेकिन हड़ताल वापस नहीं होगी. पहले सरकार को उनकी मांगों को मानना होगा, तब ही उनका निर्णय बदलेगा. बस मालिकों ने कहा कि परिवहन मंत्री ने कई बार भाड़ा बढ़ाने का आश्वासन दिया, लेकिन अब तब किराया नहीं बढ़ा. अब बस मालिकों ने मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप की मांग की है. कहा है कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर परिवहन मंत्री यह कहें कि बस किराया बढ़ेगा, तभी वह हड़ताल वापस लेंगे.

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