पुलिस आयुक्त डीपी सिंह ने किया दावा- बैंक खातों में लौटी राशि
जागरूकता से ही इस पर नियंत्रण संभव, अधिकारी हो रहे प्रशिक्षित
आसनसोल : पुलिस आयुक्त देवेंद्र प्रकाश सिंह ने कहा कि कमिश्नरेट के साइबर क्राइम थाना में एक अप्रैल, 2018 से दो सितंबर, 2019 तक कुल 12 मामले दर्ज हुए. सभी मामलों का निष्पादन हो चुका है. साइबर क्राइम में साइन्टिफिक एविडेन्स होने के कारण अधिकारियों के लगातार प्रयास से सभी मामलों का निष्पादन किया गया.
उन्होंने कहा कि ठगी के मामलों में लोगों का पैसा उनके बैंक खातों में वापस भी लाया गया है. फेसबुक और व्हाट्स एप पर फर्जी आईडी बनाकर लोगों के गलत व्यवहार करने के मामलों में भी पुलिस ने सभी मामलों में चार्जशीट दे दिया है. साइबर क्राइम का पीओ पूरा विश्व है. देश विदेश के किसी कोने में बैठकर एक अपराधी पूरे विश्व में कहीं भी अपराध कर सकता है. साइबर क्राइम से निपटने के लिए अवर निरीक्षक से डीएसपी या एसीपी रैंक के अधिकरियों को सेंट्रल फॉरेंसिक सायन्स लैब पार्क सर्कस कोलकाता, स्वामी विवेकानंद स्टेट पुलिस
अकेडमी बैरकपुर और सेंट्रल अकेडमी ऑफ पुलिस ट्रेंनिग, पुलिस रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेंटर भोपाल में नियमित प्रशिक्षण दिया जा रहा.
जिसके वजह से ही साइबर अपराध के हर मामले में पुलिस को सफलता मिल रही है. सफलता के कारण अपराध में भी कमी आ गयी है. लोगों के जागरूकता से साइबर क्राइम का ग्राफ शून्य पर आ सकता है. यदि कोई व्यक्ति ठगी का शिकार होता है तो इसकी सूचना साइबर क्राइम थाना को जल्द से जल्द देने पर उसके ठगी की राशि वापस मिल जायेगी.
