इंसेफ्लाइटिस की बीमारी ने धीरे-धीरे गभीर रूप धारन करना शुरू कर दिया है.खास कर पूरे डुवार्स में इस बीमारी का भारी असर देखा जा रहा है.इस बीमारी से कई लोगों की मौत हो गयी है और इस बीमारी ने आर्थिक असर डालना भी शुरू कर दिया है.इंसेफ्लाइटिस के आतंक से डुवार्स में पर्यटकों की संख्या कम हो रही है. कई पर्यटकों ने बुकिंग रद्द करा दी है. डुवार्स के विभिन्न होटलों व रिसोर्ट से कुछ ऐसी ही खबरें मिल रही है.
वर्तमान में डुवार्स में पर्यटन उद्योग लोगों की आय के प्रमुख साधनों में से एक है. मालबाजार, चालसा, लाटागुड़ी, धूपझोरा आदि पर्यटन केंद्रों में स्थित सैंकड़ों होटल व रिसोर्टो में करीब 600 लोग कार्यरत हैं. टूर ऑपरेटरों के मुताबिक, हाल ही में कई पर्यटकों ने अपनी बुकिंग रद्द करा दी है. एक लॉज के मालिक ने बताया कि विगत 15 दिनों में एक भी बुकिंग नहीं हुई है.पिछले 15 दिनों से लॉज खाली ही रहता है. लोगों में इंसेफ्लाइटिस को लेकर आतंक है. पर्यटक उत्तर बंगाल की परिस्थिति पर नजर रख रहे हैं. चाय बागानों में इस बीमारी से लोगों के मरने की खबर से भय और बढ़ गया है.
क्योंकि डुवार्स के चाय बागान भी पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र रहा है. जो भी पर्यटक आते हैं वो डुवार्स के चाय बागान जरूर जाते हैं. चाय बागानों की की स्थिति भले ही दयनीय रही हो लेकिन पर्यटक यहां आकर काफी खुश होते हैं. दूसरी ओर इंसेफ्लाइटिस को लेकर स्वास्थ्य दफ्तर के अधिकारियों द्वारा दावा किया जा रहा है कि स्थिति नियंत्रण में है. लेकिने स्वास्थ विभाग के इस दावे पर पर्यटक भरोसा नहीं कर रहे हैं.
